यूपी बोर्ड: पहले 10 लाख ने छोड़ी परीक्षा, अब परीक्षा देने वालों ने भी किया शर्मिंदगी का काम

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उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुई 12वीं की बोर्ड परीक्षा में लाखों बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी थी. शुरुआती जांच में पता चला था कि सरकार की सख्ती से नक़लची बच्चों ने डरकर ये क़दम उठाया. लेकिन अब जब इम्तेहान ख़त्म हो गए हैं और बच्चों की परीक्षा कॉपी की जांच हो रही है तो इम्तेहान देने वाले बच्चों के अजीब कारनामे सामने आ रहे हैं. चेकिंग के दौरान छात्रों की कॉपियों में नोट निकल रहे हैं. फिरोज़ाबाद के तिलक इंटर कॉलेज में कई ऐसी कॉपियां सामने आईं है, जिनमें से 50 और 100 के नोट निकले. इन नोटों के साथ ही छात्रों ने कुछ मज़ेदार संदेश भी लिखे हैं.

एक छात्र ने कॉपी के बीच में 100 का नोट रखकर लिखा है. मेरी तबीयत ख़राब है, मैं अच्छे से तैयारी नहीं कर सका. गुरुजी मुझे पास करा दें, मैं गरीब हूं. शिक्षकों का कहना है इस तरह से कॉपियों में रुपए निकल रहे हैं, जिससे शिक्षकों को लालच देने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं कई परीक्षा जांच के कमरों में सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, लेकिन उनके कनेक्शन नदारद हैं.

याद दिला दें कि इस बार नकल को लेकर राज्‍य सरकार की सख्‍ती के चलते 10 लाख से ज्‍यादा छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ी. वहीं सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है.

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा कह चुके हैं कि राज्य की योगी सरकार शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए कृत संकल्प है. इस बार 10 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने यूपी बोर्ड की परीक्षा छोड़ी है. यह चिंता का विषय है. भविष्य में ऐसा ना हो, इसके लिये विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि छात्र-छात्राओं को कोर्स पूरा हो सके.

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में काम करते हुए सरकार ने शिक्षकों की भर्ती, पाठ्यक्रम में सुधार, नकल रहित परीक्षा का सम्पादन और अनावश्यक छुट्टियों को खत्म करने की दिशा में कदम उठाया है. शिक्षकों की कमी को देखते हुए 10,609 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही अब कम से कम 180 दिन कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जायेगा.

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