मूर्ति तस्करी के आरोपी सुभाष कपूर को जर्मनी भेजने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
प्राचीन मूर्तियों की तस्करी के आरोपी सुभाष चंद्र कपूर को जर्मनी वापस भेजने के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। कपूर के खिलाफ तमिलनाडु के मंदिरों से मूर्तियों की चोरी…
प्राचीन मूर्तियों की तस्करी के आरोपी सुभाष चंद्र कपूर को जर्मनी वापस भेजने के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। कपूर के खिलाफ तमिलनाडु के मंदिरों से मूर्तियों की चोरी और तस्करी से जुड़े कई मामले लंबित हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मद्रास हाईकोर्ट ने 8 सितंबर को केंद्र सरकार को यह प्रक्रिया दो सप्ताह में पूरी करने का निर्देश दिया था।
याचिकाकर्ता एस. विजय नारायण ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मंदिरों की ओर से पेश हुए वकील नारायण ने दलील दी कि हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते समय कपूर के खिलाफ लंबित अन्य आपराधिक मामलों, केस डायरियों के गायब होने की जांच और अमेरिका के प्रत्यर्पण अनुरोध जैसे अहम पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया।
प्रत्यर्पण और कानूनी पेच
इस मामले में प्रत्यर्पण कानून के तहत आने वाले 'विशिष्टता के सिद्धांत' (Rule of Speciality) की व्याख्या का सवाल भी उठाया गया है। यह सिद्धांत कहता है कि किसी व्यक्ति को जिन अपराधों के लिए प्रत्यर्पित किया गया है, उसके अलावा अन्य मामलों में उस पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। हालांकि, याचिकाकर्ता का तर्क है कि भारत आने के बाद देश में सामने आए अलग-अलग अपराधों की जांच के लिए जर्मनी से नई अनुमति लेना जरूरी नहीं होना चाहिए।
आरोपी का प्रत्यर्पण: सुभाष चंद्र कपूर को अक्टूबर 2011 में जर्मनी में गिरफ्तार किया गया था। भारत और जर्मनी के बीच प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे 13 जुलाई 2012 को भारत लाया गया। उसका प्रत्यर्पण तमिलनाडु के उदयारपालयम पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के आधार पर हुआ था, जो एक मंदिर से 18 प्राचीन पंचलोहा और पत्थर की मूर्तियों की चोरी से जुड़ा था।
जांच का दायरा
याचिका के मुताबिक, भारत आने के बाद तमिलनाडु पुलिस और आइडल विंग सीआईडी की जांच में कई अन्य मंदिरों से मूर्तियों की चोरी में भी कपूर की कथित भूमिका सामने आई। जांच में मंदिरों से मूर्तियों की चोरी, उन्हें विदेश भेजने और इस काम में शामिल नेटवर्क द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे मामलों की भी पड़ताल की गई है।
इनपुट: IANS



