सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई मोदी सरकार की परेशानी, आलोक वर्मा का सीबीआई डायरेक्टर पद किया बहाल

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नई दिल्ली: सीबीआई डायरेक्टर को लेकर हुए विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अपना निर्णय सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट के इस अमह फैसले से सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को काफी बड़ी राहत मिली है.

आलोक कुमार वर्मा को पद से नहीं हटाया जाना चाहिए था- सुप्रीम कोर्ट 

बता दें कि कोर्ट का कहना है की आलोक कुमार वर्मा को पद से नहीं हटाया जाना चाहिए था. अब कोर्ट के इस फैसले से साफ रूप से बया हो चुका है कि आलोक वर्मा सीबीआई के डायरेक्टर के पद से नहीं हटेंगे. हालांकि कोर्ट ने यह कहा है की आलोक वर्मा जांच पूरी होने तक किसी तरह का कोई नीतिगत फैसला नहीं लेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा है कि कोई भी कानून ऐसा नहीं है कि सरकार बिना सेलेक्ट कमेटी के परमिशन के किसी सीबीआई डायरेक्टर को उसके पद से बर्खास्त कर सकें.

कोर्ट ने आगे कहा है कि नियुक्ति, पद से हटाने और ट्रांसफर को लेकर साफ नियम है. ऐसे में कार्यकाल ख़त्म होने से पहले आलोक वर्मा को उनके पद से नहीं हटाना चाहिए था. इसका मतलब यह है की अब आलोक वर्मा अपने निर्धारित कार्यकाल तक यानी 31 जनवरी तक सीबीआई के डायरेक्टर पद पर बने रहेंगे.

आपको बता दें कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई मंगलवार से छुट्टी पर है, जिस कारण सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा की याचिका पर जस्टिस संयज किशन कौल ने इस पर फैसला सुनाया है. जांच ब्यूरो के निदेशक आलोक कुमार वर्मा और ब्यूरो के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच चली इस जंग के सामने आने के बाद ही सरकार ने 23 अक्टूबर 2018 को दोनों अधिकारियों को उनके अधिकारों से हटाकर अवकाश पर भेजने का निर्णय लिया था. ये ही नहीं, दोनों अधिकारियों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे.