SUP Ban Fine: आज से सिंगल यूज प्लास्टिक बनाने वाली इंडस्ट्रीज पर होगी कार्रवाई

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SUP Ban Fine: आज से सिंगल यूज प्लास्टिक बनाने वाली इंडस्ट्रीज पर होगी कार्रवाई

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: राजधानी में आज से सिंगल यूज प्लास्टिक बनाने वाली इंडस्ट्रीज पर कार्रवाई शुरू होगी। उन्हें दी गई 10 दिन की मियाद रविवार को खत्म हो गई है। दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमिटी (डीपीसीसी) ने सोमवार को इसके लिए व्यापक तैयारियां कर ली हैं। इसके लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिसकी निगरानी डीपीसीसी करेगी। हालांकि बाजारों में यह कार्रवाई एमसीडी पहले ही शुरू कर चुकी है। डीपीसीसी की कार्रवाई इंडस्ट्रियों को लेकर होगी।

अधिकारियों के अनुसार, 19 तरह के एसयूपी उत्पादों को एक जुलाई से प्रतिबंधित किया गया है। इन उत्पादों के स्टोरेज, इस्तेमाल, डिस्ट्रिब्यूशन और निर्माण पर रोक है। ऐसे में जो भी इंडस्ट्री इन उत्पादों का निर्माण करती मिली, उन्हें बंद करवाया जाएगा। इसके अलावा, कंट्रोल रूम में इन उत्पादों को लेकर शिकायतें की जा सकती है। यह शिकायतें एनफोर्समेंट टीमों तक पहुंचाकर कार्रवाई करवाई जाएगी। अधिकारी के अनुसार, हालांकि डीपीसीसी की जिम्मेदारी इन उत्पादों के निर्माण तक समिति है, लेकिन कंट्रोल रूम में मार्केट और पब्लिक प्लेस में इन उत्पादों से जुड़ी शिकायतें की जा सकती हैं। इन शिकायतों को कंट्रोल रूम से संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा।

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वहीं, इन उत्पादों के इस्तेमाल व अन्य नियमों से जुड़ी शिकायतों को दिल्ली सरकार की ग्रीन दिल्ली ऐप और सीपीसीबी (सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल रूम) की SUP-CPCB ऐप पर की जा सकती है।

अधिकारियों के अनुसार, सोमवार से कानूनों का उल्लंघन करने वाली इंडस्ट्रियों को बंद करने का काम शुरू हो जाएगा। अब ऐसी इंडस्ट्री को कोई वॉर्निंग नहीं दी जाएगी। 1 से 10 जुलाई तक इंडस्ट्रीज को जागरूक करने के साथ चेतावनी जारी की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, 10 जुलाई तक करीब 19 इंडस्ट्रियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब यदि इन इंडस्ट्रियों में फिर से उल्लंघन मिलता है तो इन पर जुर्माना लगने के साथ आगे की कार्रवाई भी शुरू होगी।

इन इंडस्ट्रियों पर एक लाख रुपये का जुर्माना और पांच साल तक की जेल या दोनों भी हो सकता है। यह कार्रवाई एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट, 1986 के तहत होगी। इस काम के लिए डीपीसीसी की 15 और रेवेन्यू डिपार्टमेंट क 33 टीमों को लगाया गया है। डीपीसीसी कन्फर्मिंग एरिया में नियमों का पालन करवाएगी, जबकि एमसीडी व इनफार्मल सेक्टर में कार्रवाई करेगी।

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अधिकारियों के अनुसार, जो भी सिंगल यूज प्लास्टिक के आइटम एनफोर्समेंट ड्राइव के तहत सीज किए जाएंगे, उन्हें वेस्ट टु एनर्जी प्लांट में भेज दिया जाएगा ताकि यह उत्पाद लैंडफिल साइट या झीलों तक न पहुंच पाएं। इतना ही नहीं, राजधानी में लोगों को इन उत्पादों के नुकसान और इनके विकल्पों की जानकारी देने के लिए इको क्लब की मदद ली जाएगी। इसके लिए क्लब के सदस्यों को एक ट्रेनिंग भी 19 जुलाई को दी जाएगी। यह ट्रेनिंग युनाइटेड नेशंस एनवायरेंट प्रोग्राम के तहत होगी। राजधानी में 2000 के करीब इको क्लब हैं।

ये उत्पाद किए गए हैं प्रतिबंधित
इयर बड, गुब्बारे में लगने वाली प्लास्टिक की डंडी, प्लास्टिक के झंडे, टॉफी में लगने वाली प्लास्टिक की डंडी, आइसक्रीम में लगने वाली प्लास्टिक की डंडी, थर्माकोल, एक बार प्रयोग होने वाले प्लास्टिक के प्लेट, कप, ग्लास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिठाई के डिब्बे को पैक करने वाली पन्नियां, इनविटेशन कार्ड पर लगने वाला प्लास्टिक, सिगरेट पैकिंग में लगने वाला प्लास्टिक, 100 माइक्रोन से कम मोटाइ वाले पीवीसी और प्लास्टिक बैनर, कॉफी चाय में चिन्नी मिक्स करने वाली प्लास्टिक की डंडी।

डीपीसीसी का कंट्रोल रूम
011-23815435
[email protected]

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