शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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चीन की 'दादागिरी' का भारत उसी की भाषा में जवाब देता है: J&K के पूर्व DGP एस.पी. वैद

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एस.पी. वैद ने चीन के साथ सीमा पर चल रहे तनाव को लेकर भारत सरकार की नीति का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि चीन अपने लगभग सभी पड़ोसियों के साथ धमकाने…

चीन की 'दादागिरी' का भारत उसी की भाषा में जवाब देता है: J&K के पूर्व DGP एस.पी. वैद
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एस.पी. वैद ने चीन के साथ सीमा पर चल रहे तनाव को लेकर भारत सरकार की नीति का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि चीन अपने लगभग सभी पड़ोसियों के साथ धमकाने वाला व्यवहार करता है, लेकिन भारत उसकी भाषा समझता है और उसी भाषा में जवाब भी देता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैद ने आईटीबीपी के महानिदेशक के हालिया बयान का समर्थन करते हुए यह बात कही।

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एस.पी. वैद ने कहा, "आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना जारी है। उनका कहने का मतलब यह है कि फेस-ऑफ हो रहा है, क्योंकि चीन और उसकी पीएलए धमकाने वाला व्यवहार करते हैं।" उन्होंने लद्दाख में कुछ साल पहले हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि चीन समय-समय पर ऐसी गतिविधियां करता रहता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसने भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया है। वैद ने भरोसा जताया कि आईटीबीपी के जवान पूरी तरह से देश की जमीन की सुरक्षा कर रहे हैं।

विपक्ष और राजनीतिकरण पर टिप्पणी

चीन के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर वैद ने पलटवार किया। उन्होंने 1962 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा, "कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि 1962 में जब चीन ने अक्साई चिन पर कब्जा किया था और भारत के साथ युद्ध हुआ था, तब कांग्रेस की ही सरकार थी।" उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू उस समय प्रधानमंत्री थे और अक्साई चिन का पूरा क्षेत्र उनके समय में ही चीन के कब्जे में चला गया था। वैद ने यह भी कहा कि इस विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि भारतीय सेना और आईटीबीपी चीन की हरकतों का जवाब दे रही हैं।

अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP ने कई अन्य समसामयिक विषयों पर भी अपनी राय रखी।

पूर्व सेना प्रमुख के बयान पर: उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे के बयान को "बहुत संतुलित और समझदारी भरा" बताया। वैद ने कहा कि नरवणे का यह कहना सही है कि भारत-चीन सीमा विवाद का हल बातचीत से ही निकलेगा। उन्होंने कहा, "भारत का कहना है कि व्यापार और अन्य विषय बाद में हो सकते हैं, लेकिन पहले सीमा विवाद का समाधान होना चाहिए।"

विरोध प्रदर्शनों पर: प्रशांत भूषण द्वारा 23 अक्टूबर को "लोकतंत्र बचाओ दिवस" के आह्वान पर वैद ने कहा कि सत्ता परिवर्तन जनता का विश्वास जीतकर और बैलेट से होना चाहिए, न कि सड़कों पर अराजकता फैलाकर। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के कथन का हवाला देते हुए कहा, "लड़ाई बैलेट से होगी, बुलेट से नहीं।"

नशामुक्त भारत अभियान: वैद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए "ऑल गवर्नमेंट, ऑल सोसायटी" दृष्टिकोण अपनाना होगा, जिसमें हर नागरिक, राज्य सरकारों और सभी एजेंसियों की भागीदारी आवश्यक है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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