मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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तेलंगाना: सूखे और अल नीनो पर सरकार की तैयारी पर BRS ने उठाए सवाल, श्वेत पत्र की मांग

तेलंगाना में सूखे और अल नीनो के हालात से निपटने में देरी को लेकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के विधान परिषद सदस्य (MLC) डॉ. श्रवण दासोजू ने एक खुला पत्र जारी कर…

तेलंगाना: सूखे और अल नीनो पर सरकार की तैयारी पर BRS ने उठाए सवाल, श्वेत पत्र की मांग
(फोटो: IANS)

तेलंगाना में सूखे और अल नीनो के हालात से निपटने में देरी को लेकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के विधान परिषद सदस्य (MLC) डॉ. श्रवण दासोजू ने एक खुला पत्र जारी कर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और नवगठित कैबिनेट उप-समिति की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, डॉ. दासोजू ने कहा कि जब तक खरीफ की फसलें सूख गईं, जलाशयों में पानी खतरनाक स्तर तक कम हो गया और बिजली की मांग रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई, तब जाकर सरकार ने इस संकट पर ध्यान दिया। उनका आरोप है कि सरकार ने इस संकट को संभालने में आपराधिक लापरवाही बरती है।

सरकार की उप-समिति पर उठाए सवाल

बीआरएस नेता ने 19 अक्टूबर को सरकारी आदेश (जीओआरटी संख्या 1523) के तहत बनी कैबिनेट उप-समिति को संकट प्रबंधन के बजाय संकट का "मजाक" बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अप्रैल 2026 में ही कम बारिश और अल नीनो के खतरे की चेतावनी दे दी थी, लेकिन सरकार ने अक्टूबर के मध्य तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

डॉ. दासोजू ने सरकारी आदेश में कई खामियों की ओर इशारा किया, जैसे:

  • समिति के लिए रिपोर्ट जमा करने की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है।
  • कोई विशेष आपातकालीन बजट आवंटित नहीं किया गया।
  • शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट की आशंका के बावजूद नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग को समिति में शामिल नहीं किया गया है।

जल और बिजली संकट का दावा

पत्र में दावा किया गया है कि कृष्णा और गोदावरी बेसिन में जलस्तर लगातार गिर रहा है और राज्य के 40% से अधिक तालाबों में भंडारण क्षमता 25% से भी कम है। इसके अलावा, बिजली की रिकॉर्ड मांग को पूरा करने के लिए राज्य को खुले बाजार से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। डॉ. दासोजू ने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए कहा कि कन्नेपल्ली पंप हाउस का प्रभावी ढंग से संचालन न करने के कारण गोदावरी का पानी व्यर्थ बह गया, जबकि उत्तर तेलंगाना के किसान सिंचाई के लिए परेशान होते रहे।

BRS की 10 प्रमुख मांगें

अपने पत्र में, BRS एमएलसी ने सरकार के सामने 10 मांगें रखी हैं। इनमें सूखा प्रभावित मंडलों की आधिकारिक घोषणा, किसानों के लिए तत्काल राहत पैकेज, और इनपुट सब्सिडी जारी करना शामिल है। उन्होंने यह भी मांग की कि उप-समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया जाए और सूखा प्रबंधन पर हुए खर्च को लेकर एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल इसे प्राकृतिक आपदा बताकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों से नहीं बच सकती।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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