सोशल मीडिया बना वायुसेना के पायलटों के लिए सिरदर्द

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वायुसेना प्रमुख बी एस धनोवा नें कहा है की सोशल मीडिया पायलटों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। उन्होंने कहा की लडाकु विमानों के दुर्धटनाग्रस्त होने का सबसे बड़ा कारण है की पायलट रात को काफी समय तक अपना वक्त सोशल मीडिया पर बिताते है जिसके वजह से उनकी नींद पुरी नहीं हो पाती है। जिसका असर उनके काम पर पड़ता है।

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पायलटों की नींद जांचने के लिए बनें कोई प्रणाली

बी एस धनोवा नें कहा की हमें वायुसेना में एक ऐसी प्रणाली बनाने की जरुरत है जिसके जरिए हम पायलटों की नींद जांच कर सके की उन्होंने पुरी नींद ली है की नहीं। वायु सेना में पायलटों की नींद पुरी होना बहुत ज़रुरी हैं। एयर चीफ मार्शल धनोआ ने यहां इंडियन सोसायटी ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन के 57वें सम्मेलन में यह बात कही हैं।

उन्होंने कहा की सन 2013 में वायुसेना का लड़ाकु विमान दुर्घटना ग्रस्त हो गया था जिसका कारण था की पायलट नें नींद पुरी नहीं ले रखी थी। दरअसल में वायुसेना का मिग-21 विमान बाड़मेर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिसके बाद लड़ाकु विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने के ऊपर देश भर में चर्चा भी हुई थी।

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