यूपी: SIR प्रक्रिया पर चंद्रशेखर आजाद का हमला, बोले—मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हुई है गड़बड़ी
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रयागराज में उन्होंने इस प्रक्रिया को पूरी तरह…
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रयागराज में उन्होंने इस प्रक्रिया को पूरी तरह से रोकने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इसके नाम पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ियां हैं, जो निष्पक्ष चुनाव के लिए एक बड़ा खतरा है।
चंद्रशेखर ने मुजफ्फरनगर के मीरापुर का उदाहरण देते हुए कहा, "मैंने ही सबसे पहले डेटा सामने रखा था, जिसमें दिखा था कि कुछ लोगों के नाम पर 24 या यहां तक कि 40 वोट तक दर्ज थे।" उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एमएलसी चुनावों की वोटर लिस्ट में इतनी हेराफेरी है, तो मुख्य चुनाव कैसे निष्पक्ष हो सकते हैं?
पुरानी पेंशन और कर्मचारियों के मुद्दे
योगी कैबिनेट की बैठक से पहले चंद्रशेखर ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा, "चुनाव को देखते हुए योगी सरकार को बड़े फैसले लेने पड़ेंगे।" उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि साढ़े चार साल तक कुछ खास नहीं करने के बाद अब मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "अब चुनाव है तो योगी सरकार कुछ न कुछ तो वादा करेगी ही। इन वादों को भाजपा के नेता पूरा करेंगे या नहीं करेंगे, इस पर भी जनता को भरोसा नहीं है।"
अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
सांसद चंद्रशेखर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'पीडीए' नारे पर भी तंज कसा। उन्होंने सवाल किया कि अखिलेश यादव को यह बताना चाहिए कि उन्होंने अपनी सरकार में पिछड़े वर्ग के लिए कौन से काम किए थे। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया, "बसपा सरकार में पूर्व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 1 से 10 तक के पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलती थी। अखिलेश की सरकार के आते ही इस योजना को बंद कर दिया गया।" उन्होंने यह भी कहा कि सपा सरकार ने पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम की लोन योजना को भी बंद कर दिया था।
इनपुट: IANS



