गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का नया अवसर, चुनाव आयोग ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने उन सभी नागरिकों के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है, जिनके नाम मतदाता सूची से छूट गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य…

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का नया अवसर, चुनाव आयोग ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए
(फोटो: IANS)

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने उन सभी नागरिकों के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है, जिनके नाम मतदाता सूची से छूट गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान या उसके बाद छूटे हुए लोगों, विशेषकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को सूची में शामिल करना है।

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आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, वे अपने संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और ERO को तत्काल विशेष अभियान शुरू करने के लिए कहा गया है।

SIR प्रक्रिया और राज्यों की स्थिति

चुनाव आयोग के अनुसार, देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था। यह प्रक्रिया बिहार से शुरू हुई, जिसके बाद 24 जून 2025 को पश्चिम बंगाल और अन्य 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी आदेश जारी किए गए। आयोग ने बताया कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने आदेश में बरकरार रखा था।

अब तक बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का कार्यक्रम 27 अक्टूबर 2025 को और 19 अन्य के लिए 14 मई 2026 को सर्वसम्मति से जारी किया गया था। आयोग ने बताया कि बाकी 12 राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही कुल मतदाताओं की संख्या का अंतिम आंकड़ा उपलब्ध होगा।

आंतरिक मामलों पर आयोग की सफाई

आयोग ने अपने एक हलफनामे में आंतरिक कार्य आवंटन से जुड़े कुछ सवालों पर भी स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा कि कैबिनेट सचिव को लिखा गया पत्र किसी नीतिगत मामले से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था। हलफनामे के अनुसार, उस अधिकारी द्वारा जारी कार्य पुनर्वितरण के आदेशों को दोनों निर्वाचन आयुक्तों के निर्देश पर लागू नहीं किया गया था। साथ ही, उप निर्वाचन आयुक्त से आईटी विभाग की निगरानी की जिम्मेदारी कभी भी वापस नहीं ली गई थी।

इसके अलावा, गोवा के मामले पर जानकारी देते हुए आयोग ने बताया कि वहां छूटे हुए 97 मतदाताओं में से 81 ने अपना नाम सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भर दिया है। इसके लिए बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) को घर-घर जाकर संपर्क करने का निर्देश दिया गया था। आयोग ने यह भी पुष्टि की कि यह प्रेस नोट 26 सितंबर 2026 को हुई पूर्ण आयोग की बैठक के फैसलों के अनुसार और उसकी मंजूरी से जारी किया गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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