उत्तर प्रदेश में निवेश का नया अध्याय: सिंगापुर की तकनीक और यूपी की क्षमता से बदलेगी तस्वीर
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुँचाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय निवेश को धरातल पर उतारने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में…
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुँचाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय निवेश को धरातल पर उतारने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और निवेशकों को भरोसा दिलाया कि सरकार 'एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग' तक हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक का उद्देश्य सिंगापुर की आधुनिक तकनीक और प्रबंधन क्षमता को उत्तर प्रदेश के विशाल बाजार और मानव संसाधन से जोड़कर विकास की नई कहानी लिखना है।
बैठक के दौरान औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, हरित ऊर्जा और शहरी नियोजन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार अब केवल निवेश प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उसकी प्राथमिकता इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारकर उत्पादन और रोजगार सृजन करना है।
समझौते और परियोजनाएं
इस मुलाकात के दौरान कुछ महत्वपूर्ण समझौते भी हुए। मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को एक परियोजना के लिए पात्रता प्रमाणपत्र सौंपा गया। सिंगापुर स्थित यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज समूह से जुड़ी यह कंपनी यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में 775 करोड़ रुपये की लागत से 'यूनिवर्सल पैकेजिंग हब' स्थापित करेगी, जिससे 1,880 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, वैश्विक कृषि कंपनी एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल और अपशिष्ट प्रबंधन कंपनी ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ भी निवेश समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। एग्रीकॉर्प यूपी में सोया प्रोटीन उत्पादन इकाई लगाएगी, जबकि ब्लू प्लैनेट नोएडा और सहारनपुर में कचरा प्रबंधन परियोजनाओं पर 250 से 350 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
निवेशकों के लिए यूपी में अवसर
सीएम योगी ने निवेशकों के सामने प्रदेश में मौजूद अवसरों का खाका पेश किया। उन्होंने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक समर्पित 'सिंगापुर सिटी' और हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है और 27 एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 55% और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण का 60% हिस्सा उत्तर प्रदेश में हो रहा है। उन्होंने कृषि, पर्यटन और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में भी सिंगापुर की विशेषज्ञता के साथ साझेदारी की व्यापक संभावनाएं बताईं।
सिंगापुर प्रतिनिधिमंडल का नजरिया
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने प्रदेश के बुनियादी ढांचे, कारोबार सुगमता और निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना की। मार्क ली ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फरवरी 2026 की सिंगापुर यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस दौरान लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी, और सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरी उतरी है। प्रतिनिधिमंडल ने फिल्म सिटी, टॉय पार्क और मेडिकल डिवाइसेज पार्क जैसी परियोजनाओं को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
इनपुट: IANS



