sidhi: जितना लक्ष्य उतने आवेदन ही नहीं आये | sidhi: There were not as many applications as the target | Patrika News

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sidhi: जितना लक्ष्य उतने आवेदन ही नहीं आये | sidhi: There were not as many applications as the target | Patrika News


sidhi: जितना लक्ष्य उतने आवेदन ही नहीं आये | sidhi: There were not as many applications as the target | Patrika News

सतनाPublished: Feb 04, 2023 09:04:50 pm

जिले में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का निकला दम
-उद्योगों की स्थापना के लिए एक से पचास लाख रुपये तक योजना में है ऋ ण का प्रावधान
-चालू वर्ष में 1600 प्रकरणों का लक्ष्य, आवेदन आये महज 469, 191 प्रकरण विभिन्न बैंकों द्वारा किये जा चुके हैं स्वीकृत

sidhi: There were not as many applications as the target

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सीधी। प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना लागू की गई थी, ताकि युवा वर्ग इस योजना के माध्यम से ऋण लेकर स्वयं का उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सके। लेकिन जिले के उद्योगों की स्थापना का सपना संजोने वाले युवाओं को प्रदेश सरकार की यह योजना रास नहीं आ रही है। जिले में उद्यम क्रांति योजना के तहत जितना लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उतने आवेदन ही नहीं आ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में लक्ष्य विरूद्ध महज एक चौथाई युवाओं द्वारा ही ऋण हेतु आवेदन किया गया है, वहीं आवेदन करने वाले युवाओं में से करीब चालीस फीसदी युवाओं के प्रकरण स्वीकृत किया गये हैं।
उल्लेखनीय है की 18 वर्ष से 45 वर्ष तक की आयु वर्ग तक के न्यूनतम कक्षा 8वीं उत्तीर्ण करने वाले ऐसे लोगों को जो नवीन उद्यम स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें योजना के तहत 1 लाख रुपये से 50 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए शर्त यह रखी गई है की आवेदनकर्ता के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक न हो, साथ ही आवेदक स्वयं किसी किसी बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्था का डिफाल्टर न हो, इसके अलावा आवेदक वर्तमान में राज्य अथवा केंद्र सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभांवित हितग्राही नहीं होना चाहिए।
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1600 लक्ष्य के विरूद्ध आए महज 469 आवेदन-
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र सीधी को 1600 प्रकरणों का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरूद्ध अब तक 469 लोगों द्वारा आवेदन किया गया है, इनमें से 191 आवेदकों के प्रकरण स्वीकृत किये गए हैं, जिसमें अब तक 130 आवेदकों को ऋण राशि का वितरण किया जा चुका है। शेष आवेदकों के स्वीकृत प्रकरण अभी बैंकों में लंबित पड़े हुए हैं।
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गत वित्तीय वर्ष में 14 लोगों को मिला था ऋण-
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना वर्ष 2021-22 से लागू हुई थी। प्रथम वर्ष जिले में इस योजना के तहत 80 प्रकरणों का लक्ष्य दिया गया था। पहले वर्ष ही उद्यम स्थापित करने के लिए इस योजना के तहत ऋण लेने में युवाओं द्वारा रूचि नहीं दिखाई गई थी, और महज 24 लोगों द्वारा योजना के तहत ऋण प्राप्त किया गया था।
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सब्सिडी का प्रावधान नहीं होने से बना रहे दूरी-
विभागीय अधिकारियों की माने तो मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत उद्योग स्थापित करने हेतु ऋण लेने वाले युवाओं को सब्सिडी का प्रावधान नहीं रखा गया है। योजना के तहत सभी वर्ग के आवेदकों को बैंक द्वारा वितरित व शेष ऋण पर 3 प्रतिवर्ष प्रतिवर्ष की दर ब्याज अनुदान अधिकतम सात वर्षों तक प्रतिपूर्ति के रूप में वार्षिक आधार पर प्रदान किये जाने का प्रावधान रखा गया है। जिसके कारण इस योजना में ऋण लेने के लिए युवा रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
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फैक्ट फाइल-
लक्ष्य- 1600
आवेदन- 469
स्वीकृत प्रकरण- 191
वितरित- 130
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नहीं दिखा रहे रुचि-
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत उद्योग स्थापना एवं सेवा इकाई के लिए 1 से 50 लाख रुपये तक ऋण का प्रावधान है। लेकिन योजना में सब्सिडी का प्रावधान नहीं होने के कारण पात्र हितग्राही योजना का लाभ लेने रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में 1600 लक्ष्य के विरूद्ध अब तक महज 469 आवेदन ही आए हैं।
डीआर तिवारी, असिस्टेंट मैनेजर जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र सीधी
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