जनसंख्या नियंत्रण पर शिवसेना सांसद ने उठाया अहम कदम

देश बढ़ती जनसँख्या की समस्या से जूझ रहा है। इस वक़्त भारत में बढ़ती जनसंसख्या एक चुनौती के तोर पर उभर रही है और यह आने वाले समय में एक गंभीर समस्या का संकेत है। इसी समस्या से निवारण के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए शिवसेना के अनिल देसाई ने एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसके मुताबिक देश में जनसँख्या को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ दो बच्चों की नीति को प्रोत्साहित करने की अपील की गई है।

महाराष्ट्र सरकार बजट सत्र के दौरान बढ़ती जनसंख्या के मसले पर चर्चा करेगी। इसके सन्दर्भ में राजयसभा सांसद अनिल देसाई के प्रस्ताव के मुताबिक भारत के संविधान में एक नया प्रावधान लागू करने के लिए संशोधन किया जाएगा, जिसके मुताबिक अनुच्छेद 47A के तहत बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए परिवार को दो बच्चों तक सीमित रखने वाले नागरिकों को टैक्स में छूट, कारोबार, शिक्षा में प्रोत्साहन जैसे नियम बनाए जायेगे। लेकिन वही जो इन मानदंडों का पालन नहीं करेगा उनसे इन रियायत को वापस लेलिया जायेगा। और छोटे परिवार के मानदंडों का पालन नहीं करने वालों को ऐसे प्रोत्साहन से वंचित रखेंगे।

काफी लम्बे समय से जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार से ठोस फैसले की अपील की जा रही है। संसद में कोई भी सांसद अपनी ओर से एक प्राइवेट बिल ला सकता है जो कि शुक्रवार को पेश किया जाता है. बता दें कि बजट सत्र में अभी ब्रेक चल रहा है, लेकिन जब सत्र का दूसरा हिस्सा शुरू होगा तब इसपर चर्चा की जा सकती है। सांसद अनिल देसाई ने बजट सत्र के पहले हिस्से के आखिरी दिन में इस बिल को पेश किया। इस तरह के बिल को पहले भी पास करने की अपील की गयी है लेकिन कई राजनीतिक दलों और संगठनों के द्वारा ऐसे प्रस्ताव को मुस्लिम विरोधी बताया गया है।

यह भी पढ़ें : टेरी संस्थापक आर के पचौरी का निधन,दिल्ली में ली आखिरी सांस

इस बिल के पक्ष में यह भी तर्क प्रस्तुत किया गया है की बढ़ती जनसंख्या आने वाली पीढ़ियों के लिए कई समस्याएं उत्पन करेगी । हमारे लिए बढ़ती जनसंख्या चिंता का विषय है। इससे प्राकृतिक संसाधनों पर भी अत्यधिक बोझ पड़ रहा हैं। केंद्र और राज्य सरकारों को इससे निपटने के लिए योजनाएं शुरू करनी चाहिए। किसी भी देश की आबादी उसकी वृद्धि दर सीधे तौर पर प्रभावित करती है। अगर यह बिल पारित होता है तो जनसख्या को कण्ट्रोल करने में यह एक बेहतरीन कदम साबित हो सकता है। ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा की ये बिल पास होगा या नहीं।