शशि थरूर : बीजेपी सरकार संविधान पर कर सकती है बड़ा हमला

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केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर  ने गुजरात प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के लिए बयान दिया था. शशि थरूर के मुताबिक ‘ बहुत से हिंदू, विशेष रूप से मेरी पीढ़ी के, हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों और उसका पालन करने वालों की तरह पले बढ़े हैं. लेकिन उन्होंने इसे कभी बाहर प्रदर्शित नहीं किया क्योंकि उन्हें ऐसा करना पसंद नहीं था’.

 

शशि थरूर का मानना है कि कांग्रेस और समान विचारधारा वाले धर्मनिरपेक्ष दलों को आगामी लोकसभा चुनाव में हिंदुत्व के प्रहार को रोकने के लिए एक मंच पर साथ आना चाहिए.

सही वक़्त के इंतज़ार में भाजपा

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बीजेपी पर तंज कसते हुये कहा है कि अगर भाजपा के पास दोनों सदनों में बहुमत आ जाता है तो ये लोकतंत्र पर बड़ा हमला कर सकती है. उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि भाजपा इसकी तैयारी में है और कश्मीर पर अनुच्छेद 370 जैसे विभिन्न संवैधानिक प्रावधानों पर हमला करना “हिन्दू राष्ट्र” बनाने की तरफ़ भाजपा का अहम कदम है.

साथ ही शशि थरूर को ये भी लगता है कि भाजपा का असली एजेंडा दोनों सदनों के भाजपा के नियंत्रण में आने का इंतजार कर रहा है और एक बार ऐसा हो जाने पर निश्चित तौर पर लोकतंत्र पर एक बड़ा प्रहार देखने को मिलेगा. सामान विचारों वाले दलों को एक साथ आना चाहिए और धर्मनिरपेक्ष दलों को मिलकर भाजपा को ऐसा करने से रोकना चाहिए.

‘भयावह है ये विचारधारा’

इस दौरान शशि थरूर ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अटल बिहारी बाजपाई के लिए भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि अटल बिहारी बाजपाई के समय भी (राष्ट्रीय जनतांत्रिक) NDA गठबंधन ने संविधान समीक्षा समिति का गठन किया था. लेकिन वो समिति किसी भी तरह से “हिन्दू राष्ट्र” की विचारधारा पर काम नहीं करती थी. पर अब ऐसा लगता है कि वर्तमान व्यवस्था के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारक के.एन. गोविंदाचार्य के तहत गठित समिति काम कर रही है. शशि थरूर ने कहा कि गोविंदाचार्य की विचारधारा के मुताबिक़ समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, इन सभी को ख़त्म करना होगा. थरूर ने कहा अगर गोविंदाचार्य ऐसी परियोजना पर काम कर रहे हैं, तो मुझे लगता है कि वे इस बारे में काफी गंभीर हैं. केवल इतना ही है कि शायद उन्हें लगा होगा कि पहले ही कार्यकाल में ऐसा करना काफी बड़ा जोखिम होगा, जब तक कि उन्हें राज्यसभा में भी बहुमत नहीं मिल जाता.”

थरूर ने कहा अगर ऐसा है तो ये स्थिति ना सिर्फ भयावह है बल्कि सोचनीय भी है. इसे बचने के लिए एक जी विचारों वाले संघटनों को सामने आकर मुस्तैदी से काम करना होगा.

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