शालबनी जमीन घोटाला: अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को नहीं मिली राहत, 14 दिन की न्यायिक हिरासत
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को पश्चिम मेदिनीपुर की एक अदालत ने शालबनी जमीन घोटाला मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को पश्चिम मेदिनीपुर की एक अदालत ने शालबनी जमीन घोटाला मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने रॉय समेत चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पश्चिम मेदिनीपुर की सीजेएम अदालत में सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सीआईडी की पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद सुमित रॉय के साथ तीन अन्य आरोपी अमित घोष, नृत्य रॉय और लक्ष्मीकांत भुइयां को भी पेश किया गया था। सरकारी वकील सैयद नाजिम हबीब ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने जांच से जुड़े तथ्य अदालत के सामने रखे और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई अब 7 अक्टूबर को होगी।
वहीं, सुमित रॉय के वकील प्रतिम दास गुप्ता ने बचाव में दलील दी कि लगभग 13 दिनों की पुलिस हिरासत के बावजूद जांच एजेंसी उनके मुवक्किल से एक मोबाइल फोन और डेटा केबल के अलावा कुछ भी महत्वपूर्ण बरामद नहीं कर पाई है। इसी आधार पर जमानत की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने इसे नामंजूर कर दिया।
रेत घोटाले के दूसरे मामले में भी पेशी
इसी दिन सुमित रॉय को शालबनी थाने में ही दर्ज एक अन्य रेत घोटाला मामले में भी अदालत में पेश किया गया। इस मामले में उन पर आरोप है कि उन्होंने ओवरलोडेड वाहनों को आने-जाने की सुविधा देने के बदले करीब 50 लाख रुपए का लेनदेन किया था। बचाव पक्ष का कहना है कि यह मामला 2023 का है और रॉय सीधे तौर पर इस लेनदेन में शामिल नहीं थे।
इस दूसरे मामले में पुलिस ने 12 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने रॉय को नौ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। रेत घोटाले से जुड़े इस मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को तय की गई है।
इनपुट: IANS



