शाहरुख खान की बीमारी ने संजय दत्त की बदल दी थी किस्‍मत, बहन प्रिया दत्त को लगा फिर डूबेगी लुटिया

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शाहरुख खान की बीमारी ने संजय दत्त की बदल दी थी किस्‍मत, बहन प्रिया दत्त को लगा फिर डूबेगी लुटिया

संजय दत्त हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लगभग चार दशक से काम कर रहे हैं। इन चार दशकों में उन्होंने ऑडियंस को अपने अलग-अलग रूप दिखाए। कभी फिल्मों में लवर बनकर लड़कियों के दिलों पर राज किया तो कभी विलन बनकर लोगों को डराया। कॉमेडी कर लोगों को हंसाया भी और कई ऐसे इमोशनल सीन्स किए कि लोगों की आंखों में आंसू आ गए। अगर ये कहें कि उन्होंने एक एक्टर के रूप में सबकुछ कर लिया, सारे किरदार पर्दे पर निभा लिए, तो ये कहना गलत नहीं होगा। लेकिन उनकी जिंदगी हमेशा उतार-चढ़ाव से भरी रही। पहले नशे की लत और फिर 1992 में मुंबई में हुए ब्लास्ट में अवैध हथियार रखने के मामले में जब उन्हें गिरफ्तार किया गया, तब उनके करियर पर बुरी तरह असर पड़ा। उन्हें जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। उस समय ये मान लिया गया कि उनका करियर चौपट हो गया है। फिर 19 साल पहले ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ आई और उसने सबकुछ बदल दिया, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ये सबकुछ शाहरुख खान की बीमारी की वजह से बदला था! आइये जानते हैं इस दिलचस्प किस्से के बारे में।

संजय दत्त (Sanjay Dutt) जमानत पर जेल से बाहर तो आ गए, लेकिन उन पर लगे आरोपों की वजह से उनकी प्रोफेशनल लाइफ पटरी पर नहीं लौट पाई। उन्होंने कई बार कोशिश की, लेकिन हर बार नाकाम रहे। हालांकि, ये सब होने के बावजूद उनके अंदर एक स्पार्क था, जो 1999 में रिलीज हुई ‘वास्तव’ और 2002 में आई संजय गुप्ता की ‘कांटे’ में उनके अंदर देखा गया। हालांकि, इन सबके बावजूद कुछ था, जो अधूरा था। उनकी बैड बॉय वाली इमेज अभी तक बनी हुई थी। लोगों की नजरों में वो अभी तक खटक रहे थे, लेकिन ये सबकुछ तब अचानक से बदल गया, जब राजकुमार हिरानी ने साल 2003 में उन्हें ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ में कास्ट किया। राजकुमार ने वही किया, जो बाकी के डायरेक्टर्स भी कर रहे थे, उन्होंने संजू को एक गुंडे वाले रोल के लिए ही कास्ट किया, लेकिन ये ‘गुंडा’ प्यारा था और इस ‘गुंडे’ ने एक बार फिर से सभी का दिल जीत लिया था।

संजय दत्त ने बिना स्क्रिप्ट पढ़े फिल्म को कहा था हां

दिलचस्प बात ये है कि संजय दत्त ने इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी ही नहीं थी। उन्होंने बिना कहानी जाने ही इसके लिए हां कर दिया था। अब सवाल ये उठता है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया? तो इसकी वजह थे प्रोड्यूसर विधु विनोद चोपड़ा। प्रोडक्शन हाउस की तरफ से जारी एक क्लिप में संजय ने कहा था, ‘विनोद फैमिली हैं। वो मेरे लिए एक भाई की तरह हैं।’ वहीं, जब संजय दत्त की बहन प्रिया ने फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी तो उन्हें लगा कि उनका भाई फिर से गैंगस्टर की मूवी करने जा रहा है। उन्होंने कहा था, ‘मैंने सोचा था कि ये कोई गैंगस्टर मूवी थी और संजय फिल्म में ‘भाई’ की भूमिका निभाने वाले हैं। मैंने सोचा कि चलो ठीक है, वैसी ही एक और फिल्म।’

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हिरानी ने संजू के करियर को फिर किया जिंदा

मुन्नाभाई MBBS में संजय दत्त

‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ ने संजय दत्त के लिए वो किया, जो कोई PR उनके लिए नहीं कर सकता था। इस मूवी ने उन्हें एक ब्रांड न्यू इमेज दी। एक ऐसा पर्सोना दिया, जिसे उन्होंने खुले तौर पर फ्लॉन्ट किया। एक ऐसा कनेक्शन, जिससे ऑडियंस तुरंत जुड़ गई। ‘मुन्ना’ की ‘जादू की झप्पी’ और पिता (सुनील दत्त ने एक्टिंग की थी) के लिए उनका जो प्यार और सम्मान दिखाया, उसने लोगों का दिल जीत लिया। संजू ‘मुन्ना’ बन गए और ‘मुन्ना’ संजू बन गया। हिरानी की इस फिल्म ने संजय दत्त के करियर को फिर से जिंदा कर दिया। ये कहना भी गलत नहीं होगा कि मुन्ना का किरदार संजू बाबा से बेहतर शायद ही कोई निभा सकता था।

संजय दत्त के लिए बदला लोगों का नजरिया
एक बार इंटरव्यू के दौरान संजय दत्त ने इस बात को स्वीकार किया था कि दोनों मुन्ना भाई फिल्मों ने एक एक्टर के रूप में उनके प्रति ऑडियंस की धारणा और सोच को बदल दिया था। इस मूवी ने उनकी छवि को पूरी तरह से बदल दिया था। उन्होंने कहा था, ‘मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि फिल्म और मेरे किरदार के लिए आज भी जो प्रतिक्रिया मिल रही है, उससे मैं बहुत खुश हूं। ये एक यादगार किरदार है। बहुत कम एक्टर्स को ये करने को मिलता है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे ये भूमिला मिली। निजी तौर पर डेली लाइफ में या करियर के लिहाज से भी ‘मुन्नाभाई’ ने मेरे जीवन और छवि को कई तरह से बदल दिया है।’

संजय-हिरानी पर आरोप भी लगे

हालांकि, सालों बाद जब यही जोड़ी (राजकुमार हिरानी और संजय दत्त) एक बार फिर से संजय दत्त की बायोपिक ‘संजू’ के लिए साथ आई तो लोगों ने उन पर कई आरोप लगाए। लोगों ने ये तक कह दिया कि इस मूवी के जरिए संजय की इमेज को सही दिखाने की कोशिश की गई है। इस पर बात करते हुए संजय ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा था, ‘मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मुन्नाभाई पहले ही बन चुकी थी और वो अवतार पहले ही आउट हो चुका था। मुझे नहीं लगता कि कोई अपनी छवि बदलने के लिए 30-40 करोड़ रुपये खर्च करेगा। ये बहुत ज्यादा रकम है। मैंने सच कहा है और सच को भारत ने स्वीकार किया है और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ये दिखाता है।’

शाहरुख खान थे पहले पसंद
अब आपको एक और दिलचस्प बात बताने जा रहे हैं कि इमेजिन करिए कि अगर ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ में संजय दत्त की बजाय शाहरुख खान होते तो क्या होता? आपको बता दें कि राजकुमार हिरानी और विधु विनोद चोपड़ा इस मूवी में संजय दत्त नहीं, बल्कि शाहरुख खान को कास्ट करना चाहते थे। SRK ही उनकी पहली पसंद थे, लेकिन हेल्थ इश्यू की वजह से किंग खान ने इससे बैकआउट कर लिया था और फिर ये फिल्म संजू बाबा की झोली में आ गिरी थी।



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