7 मुर्दे डीएम से मिलने गए, कहा- हमारी पेंशन रूक गई है, कृपा…

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सरकारी कामकाज में अनियमितता और गड़बड़ी की खबरें आम हो चली हैं। अब उत्तर प्रदेश में ही देख लीजिए। यहां के बदायूं जिले में सात मुर्दे जिलाधिकारी से मिलने उनके दफ्तर जा पहुंचे। हैरान होने की जरूरत नहीं है। मगर यह सच है। दरअसल, वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन के दौरान गांव के 7 जिंदा लोगों को मृत दर्शा दिया गया है जिससे उन सभी की वृद्धावस्था पेंशन रुक गई है।

इसके बाद जब पेंशन रुकने पर उन्होंने जानकारी दी तो पता लगा कि वे अभिलेखों में मृत दर्शाए गए हैं। जिसके बाद सभी जिलाधिकारी के पास पहुंचे और ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की शिकायत की।

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मीडिया में आईं रिपोर्ट्स के मुताबिक,  मामला बदायूं जिले के विकासखंड सलारपुर के गांव हुसैन करौतिया का है। यहां पर सचिव और प्रधान ने गांव के ही सात लोगों को मृतक बताकर उनकी पेंशन बंद कर दी। जिससे गांव के लोग अपने जिंदा होने के सबूत लेकर घूम रहे हैं। पूर्व प्रधान ने बताया की सचिव और प्रधान ने मिलकर 60 वर्षीय पेंशन सत्यापन रजिस्टर मे सात लोगों को मृत दर्शा दिया जिससे उनकी पेंशन बंद कर दी। जबकि गांव के निसार हुसैन, अफसर, अलाउद्दीन, चंपा, मिराजन, अकीला और अफसर जिंदा है।

इसके बाद इस बुधवार को सभी पीड़ित शिकायत लेकर डीएम के पास मिलने पहुंचे। पीड़ितों की शिकायत पर जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने तुरंत पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी को तलब किया। उन्होंने मामले में रिपोर्ट मांगते हुए सचिव का सत्यापन रजिस्टर तलब कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी दर्शाए गए मृतकों की तत्काल पेंशन चालू कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम दिनेश कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जल्द कठोर कार्रवाई होगी।

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