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विदेशी निवेशकों के लिए भारत में कारोबार होगा और आसान, सेबी ने बदले KYC के नियम

भारत के शेयर बाज़ार में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए नियमों को और सरल बना दिया गया है। बाज़ार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने उनके लिए 'अपने ग्राहक को…

विदेशी निवेशकों के लिए भारत में कारोबार होगा और आसान, सेबी ने बदले KYC के नियम
(फोटो: IANS)

भारत के शेयर बाज़ार में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए नियमों को और सरल बना दिया गया है। बाज़ार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने उनके लिए 'अपने ग्राहक को जानो' यानी KYC की समीक्षा की समय-सीमा को काफी बढ़ा दिया है, जिससे उन पर अनुपालन का बोझ कम होगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ये नए नियम 1 दिसंबर, 2026 से प्रभावी होंगे।

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सेबी का यह कदम विदेशी निवेशकों के लिए व्यापार करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने और बार-बार होने वाली औपचारिकताओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। नियामक का उद्देश्य एक पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल माहौल तैयार करना है।

क्या हैं KYC समीक्षा के नए नियम?

सेबी द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, विदेशी निवेशकों की अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर KYC समीक्षा की अवधि में बदलाव किया गया है। अब तक, FPIs को उनकी श्रेणी के हिसाब से हर साल या हर तीन साल में KYC प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।

संशोधित ढांचे में ये बदलाव किए गए हैं:

  • जिन FPIs के लिए KYC समीक्षा की अवधि पहले एक साल थी, उसे अब बढ़ाकर दो साल कर दिया गया है।
  • जिन निवेशकों के लिए यह अवधि तीन साल थी, उसे अब सीधे आठ साल कर दिया गया है।

हालांकि, कुछ श्रेणियों के लिए पुराने नियम ही लागू रहेंगे। 'स्वागत-एफआई एफपीआई' के मामले में KYC समीक्षा की समय-सीमा पहले की तरह 10 साल ही रहेगी। इसी तरह, 'जीएस-एफपीआई' को मिली मौजूदा छूट भी जारी रहेगी।

प्रक्रिया को और सरल बनाया गया

KYC समीक्षा की अवधि बढ़ाने के अलावा, सेबी ने एक और प्रक्रिया को खत्म कर दिया है। अब FPIs के पंजीकरण को जारी रखते समय (continuation of registration) उनसे इस बात की अलग से पुष्टि नहीं ली जाएगी कि उनकी पहले दी गई जानकारी में कोई बदलाव हुआ है या नहीं। इस कदम का उद्देश्य एक जैसी प्रक्रियाओं को खत्म कर अनुपालन को और तर्कसंगत बनाना है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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