तेलंगाना: SC-ST समुदायों के विकास के लिए विशेष कार्ययोजना, हर पात्र परिवार तक लाभ पहुंचाने के निर्देश
तेलंगाना सरकार ने राज्य में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों के समग्र विकास के लिए एक विशेष कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उपमुख्यमंत्री भट्टी…
तेलंगाना सरकार ने राज्य में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों के समग्र विकास के लिए एक विशेष कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि SC/ST सब-प्लान के तहत आवंटित धन का प्रभावी ढंग से उपयोग हो, ताकि इन समुदायों का आर्थिक और सामाजिक विकास हो सके।
गुरुवार को डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो। उन्होंने सभी विभागों को इस लक्ष्य के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया। बैठक में समाज कल्याण विकास मंत्री अडलूरी लक्ष्मण भी उपस्थित थे।
कृषि और भूमि उपयोग पर जोर
बैठक में कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य, पंचायत राज और ग्रामीण विकास जैसे विभागों द्वारा सब-प्लान निधियों के उपयोग की समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे रायथु भरोसा, रियायती बीज वितरण और कृषि मशीनीकरण जैसी योजनाओं के तहत एससी-एसटी किसानों को मिल रहे लाभों का विस्तृत आकलन करें। उन्होंने यह पहचानने का निर्देश दिया कि क्या भूमि स्वामित्व की शर्तों के कारण फंड के उपयोग में कोई बाधा आ रही है। भट्टी विक्रमार्क ने सुझाव दिया कि यदि मौजूदा दिशा-निर्देश निधि के पूर्ण उपयोग में रुकावट बन रहे हैं, तो वैकल्पिक योजनाएं तैयार की जानी चाहिए।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राज्य में लगभग 1300 एकड़ खाली भूमि उपलब्ध है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि स्थानीय जरूरतों के अनुसार इस भूमि के उपयोग की संभावनाएं तलाशी जाएं और पात्र परिवारों को इसका लाभ देने के लिए जल्द मंजूरियां पूरी की जाएं। उन्होंने उन परिवारों के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्तावों की समीक्षा करने को भी कहा जिनके पास घर बनाने के लिए जमीन नहीं है।
बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य सेवाएं
उपमुख्यमंत्री ने एससी-एसटी समुदायों के लिए सामाजिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक भवनों, श्मशान घाटों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जरूरतों का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने और प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करने का निर्देश दिया।
इसी बैठक में मंत्री अडलूरी लक्ष्मण ने एससी-एसटी बस्तियों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने का सुझाव दिया, जिसमें बिजली के खंभे लगाना और वायरिंग जैसे काम शामिल हैं। उन्होंने आदिवासी और एजेंसी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू करने की संभावना पर भी विचार करने को कहा। अधिकारियों को दूरदराज के इलाकों में डॉक्टरों और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल रिकॉर्ड और निगरानी
पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए उपमुख्यमंत्री ने सभी विभागों को लाभार्थियों का गांव-वार और श्रेणी-वार विवरण तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के नाम, गांव, सामाजिक श्रेणी और उन्हें मिली सहायता का विवरण एकत्र कर एक डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाए। इसके साथ ही फंड के उपयोग पर नजर रखने के लिए एक स्थायी निगरानी प्रणाली भी विकसित की जाएगी।
इनपुट: IANS



