ग़रीब सर्वणों के 10 फ़ीसदी आरक्षण पर नहीं लगेगी रोक : सुप्रीम कोर्ट

केन्द्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े ग़रीब सवर्णों को दिए गए 10 फ़ीसदी आरक्षण के फ़ैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से मना कर दिया है। 10 फ़ीसदी आरक्षण के फ़ैसले पर तत्काल रोक लगाने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। इस तरह की सभी याचिकाओं की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट एक साथ करेगा।

ग़रीब सर्वणों को 10 फ़ीसदी आरक्षण देने का मोदी सरकार ने किया था फ़ैसला


सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों के दाख़िले में 10 फ़ीसदी आरक्षण देने के लिए मोदी सरकार संसद में संविधान संशोधन बिल लेकर आयी थी जिसे विपक्षी दलों के समर्थन से संसद के दोनों सदनों से दो तिहाई बहुमत से पास करा लिया गया था। जिसके बाद, कुछ सामाजिक संगठनों ने सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका में संविधान संशोधन को दी गई थी चुनौती

संविधान संशोधन के ज़रिए ग़रीब सवर्णों को दिए गए 10 फ़ीसदी आरक्षण के फ़ैसले को यूथ फॉर इक्विलिटी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि ये संशोधन सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ है और आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर केन्द्र सरकार से जवाब मांगा था। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने और बेंच में शामिल न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने 10 फ़ीसदी आरक्षण के फ़ैसले पर पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।