पीएम सूर्य घर योजना: यूपी बना देश का सिरमौर, रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में गुजरात-महाराष्ट्र को पछाड़ा
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश, संचयी रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में गुजरात और…
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश, संचयी रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देशभर में पहले स्थान पर पहुंच गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सफलता प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ते भरोसे और सरकार की प्रभावी नीतियों का नतीजा है।
यह मुकाम यूपीनेडा, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, सभी विद्युत वितरण निगमों, बैंकिंग संस्थानों और सोलर वेंडर्स के समन्वित प्रयासों से संभव हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, 5 नवंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश में कुल 9,53,201 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके थे। वहीं, अकेले अक्टूबर 2026 में 75,031 से ज़्यादा इंस्टॉलेशन के साथ भी प्रदेश देश में अव्वल रहा।
सब्सिडी और वित्तीय लाभ
इस योजना की कामयाबी के पीछे केंद्र और राज्य सरकार का बड़ा वित्तीय सहयोग है। दोनों सरकारों ने मिलकर 8,454.5 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी प्रदान की है, जिससे आम परिवारों के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना किफायती हो गया है। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 6,254.5 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी 2,200 करोड़ रुपये से अधिक है। इस पहल से न केवल लोगों के बिजली बिल में बचत हो रही है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर असर
प्रदेश में स्थापित 3,167.57 मेगावाट की रूफटॉप सोलर क्षमता से प्रतिदिन लगभग 1.42 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन होने का अनुमान है। यदि बिजली की दर 6.50 रुपये प्रति यूनिट मानी जाए, तो इसका सालाना आर्थिक मूल्य करीब 3,380 करोड़ रुपये होता है। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ सालाना लगभग 35 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का भी अनुमान है।
एक और बड़ा फायदा यह है कि घरों की छतों पर बिजली उत्पादन होने से ज़मीन की बचत होती है। इतनी ही क्षमता का ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्लांट लगाने के लिए लगभग 12,670 एकड़ भूमि की ज़रूरत पड़ती, जिसकी अब आवश्यकता नहीं है।
रोजगार और नए अवसर
पीएम सूर्य घर योजना ने उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी पैदा किए हैं। राज्य में 8,700 से अधिक सोलर वेंडर्स काम कर रहे हैं और इस क्षेत्र में एक लाख से ज़्यादा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर, इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां तेज़ी से बढ़ रही हैं, जिससे प्रतिदिन लगभग 45-50 करोड़ रुपये के व्यावसायिक अवसर पैदा होने का अनुमान है। प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क इसे लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाने में भी मदद कर रहा है।
इनपुट: IANS



