सऊदी अरब में फँसे हज-उमरा यात्री: NCP नेता ने सरकार से की विशेष व्यवस्था और मुफ्त वापसी की मांग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-SP) ने सऊदी अरब में फँसे भारतीय हज और उमरा यात्रियों को लेकर चिंता जताई है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने इसे एक आपातकालीन स्थिति बताते…
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-SP) ने सऊदी अरब में फँसे भारतीय हज और उमरा यात्रियों को लेकर चिंता जताई है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने इसे एक आपातकालीन स्थिति बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने सरकार से यात्रियों के रहने-खाने की व्यवस्था करने और उन्हें अपने खर्च पर सुरक्षित भारत वापस लाने का आग्रह किया है।
सिद्दीकी ने मौजूदा हालात को ईरान युद्ध और हूती विद्रोहियों के संघर्ष से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि इन संघर्षों के कारण रियाद समेत सऊदी अरब के कई शहरों पर हमले हुए हैं, जिससे लोगों की जान-माल को खतरा पैदा हो गया है। इसी खतरे को देखते हुए कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिसके कारण ये यात्री वहाँ फँस गए हैं।
आर्थिक बोझ और सरकार की ज़िम्मेदारी
नसीम सिद्दीकी ने इस स्थिति को 'आसमानी मुसीबत और आफत' करार देते हुए कहा, "सरकार को चाहिए कि इसमें विशेष तौर से ध्यान दिया जाए।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फँसे हुए अधिकांश यात्री गरीब या मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं और यात्रा में अप्रत्याशित देरी के कारण उन पर गंभीर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनकी मांग है कि सरकार आर्थिक पहल करते हुए इन यात्रियों के रहने और भोजन की व्यवस्था करे और जल्द से जल्द उन्हें सरकारी खर्च पर स्वदेश लाए।
अन्य मुद्दों पर भी रखी राय
इस दौरान सिद्दीकी ने जामिया और JNU की दीवारों पर लिखे गए विवादित नारों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "कश्मीर तो हमारा है। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। उसे हमसे कोई नहीं ले सकता।" उन्होंने आगे कहा कि अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को वापस लेने की बात होनी चाहिए। उन्होंने इन नारों के पीछे किसी साजिश की आशंका जताते हुए गहन जांच की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार विपक्ष के प्रदर्शनों में सत्ता पक्ष के लोग वेश बदलकर शामिल हो जाते हैं और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए फर्जी आईडी बनाकर अव्यवस्था फैलाने की कोशिशें भी सामने आई हैं।
इसके अतिरिक्त, एक अन्य मामले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने न्याय व्यवस्था में विश्वास जताया और कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है। उन्होंने रैलियों के दौरान उचित मार्ग की जाँच और आपत्तिजनक नारेबाजी रोकने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इनपुट: IANS



