रियाद पर फिर मिसाइल हमला, सऊदी गठबंधन ने हवा में ही नष्ट करने का दावा किया
सऊदी अरब की राजधानी रियाद एक बार फिर मिसाइल हमलों का निशाना बनी। रविवार को हुए इस हमले को लेकर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया है कि उसने हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों…
सऊदी अरब की राजधानी रियाद एक बार फिर मिसाइल हमलों का निशाना बनी। रविवार को हुए इस हमले को लेकर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया है कि उसने हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के दौरान राजधानी में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और नागरिक सुरक्षा अलर्ट भी जारी किया गया था, जिसे बाद में खतरा टलने पर हटा लिया गया।
गठबंधन ने यह भी जानकारी दी कि बैलिस्टिक मिसाइलों के अलावा, रियाद और सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में दागी गई दो क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट किया गया है। दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्ट्स में प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा गया है कि रियाद के वित्तीय जिले को निशाना बनाया गया और इस हमले में अरामको की इमारत को नुकसान पहुँचा है। हालांकि, इस खबर पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हमलों का सिलसिला और क्षेत्रीय तनाव
यह हमला यमन में लंबे समय से चल रहे गृहयुद्ध की एक और कड़ी है। यह संघर्ष 2014 में शुरू हुआ जब ईरान समर्थित हूती आंदोलन ने यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया। इसके जवाब में, मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। तब से हूती विद्रोही सऊदी अरब के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और तेल प्रतिष्ठानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाते रहे हैं।
बीते कुछ समय में इन हमलों में काफी तेजी देखी गई है। अक्टूबर 2026 में हुए कई हमलों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ था। 10 अक्टूबर को हुए एक मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। इस हमले की भारत सरकार ने कड़ी निंदा की थी। इसके ठीक बाद 11 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया, जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक की जान चली गई थी।
इनपुट: IANS



