यूपी: सरदार पटेल जयंती पर युवाओं के लिए कौशल विकास योजना, डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर साधा निशाना
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए एक नई पहल की है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल विकास…
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए एक नई पहल की है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल विकास योजना' के शुभारंभ की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षित कर सीधे कंपनियों में रोजगार दिलाना है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि यह योजना पूरे प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ेगी। उन्होंने कहा, "ट्रेनिंग सेंटर से उन्हें कंपनी प्लेसमेंट के माध्यम से सीधे रोजगार मिलेगा।" इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सरकार ने कई कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए हैं। पाठक ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश के युवाओं को शुभकामनाएं दीं।
विपक्ष पर राजनीतिक हमला
इस घोषणा के साथ ही ब्रजेश पाठक ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है और वे केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। पाठक ने कहा, "कांग्रेस और समाजवादी पार्टी, इंडिया गठबंधन के लोग चाहते हैं कि ढंग से अलोकतांत्रिक काम किए जाएं, प्रदेश को, देश को डिस्टर्ब किया जाए।" उन्होंने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड बहुमत से तीसरी बार सरकार बनेगी, जिसके बाद विपक्ष के आंदोलन बंद हो जाएंगे।
'संविधान के खिलाफ काम कर रहे राहुल गांधी'
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा एमएलसी और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री परिणय फुके ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, "इस प्रकार से रास्ते पर महाभियोग चलाने का जो राहुल गांधी जी प्रयत्न कर रहे हैं, निश्चित ही यह संविधान के खिलाफ है।" फुके ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर देश में कम्युनिस्ट विचारधारा लाने का प्रयास कर रहे हैं और नागरिकों का संविधान से विश्वास कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
फुके ने वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत में 50.6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी सरकार की सफलता है। उन्होंने इसे आरएसएस की 'एकात्म मानववाद' की विचारधारा का परिणाम बताया।
इनपुट: IANS



