रविवार, 4 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश

भदोही का नया नाम 'संत रविदास नगर भदोही' होगा, सीएम योगी ने साधा दलित और राजभर समीकरण

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की पहचान अब 'संत रविदास नगर भदोही' के रूप में होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस नए नाम की घोषणा कर तीन दशकों से चले आ रहे नामकरण के विवाद को समाप्त करने की कोशिश की है…

भदोही का नया नाम 'संत रविदास नगर भदोही' होगा, सीएम योगी ने साधा दलित और राजभर समीकरण
(फोटो: IANS)

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की पहचान अब 'संत रविदास नगर भदोही' के रूप में होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस नए नाम की घोषणा कर तीन दशकों से चले आ रहे नामकरण के विवाद को समाप्त करने की कोशिश की है। इस फैसले को पूर्वांचल के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह एक साथ दलित और राजभर, दोनों समुदायों की ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ी भावनाओं को सम्मान देता है।

विज्ञापन

समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने रविवार को भदोही में 1,340 करोड़ रुपये की 112 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए यह ऐलान किया। उन्होंने अपने संबोधन में संत रविदास के सामाजिक समरसता के संदेश का जिक्र करते हुए इसे सरकार की बिना भेदभाव वाली योजनाओं से भी जोड़ा।

नाम बदलने का तीन दशकों का इतिहास

भदोही जिले के नामकरण का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। सबसे पहले 30 जून 1994 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इसे वाराणसी से अलग कर एक नया जिला बनाया था। इसके बाद 4 दिसंबर 1997 को मुख्यमंत्री मायावती ने दलित समाज के आराध्य संत शिरोमणि गुरु रविदास के सम्मान में जिले का नाम बदलकर 'संत रविदास नगर' कर दिया।

लगभग 17 साल बाद, 6 दिसंबर 2014 को अखिलेश यादव की सरकार ने इस फैसले को पलटते हुए जिले का नाम वापस 'भदोही' कर दिया। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों नामों को मिलाकर एक नई पहचान दी है। सीएम योगी ने पहली बार इसकी घोषणा 29 जुलाई 2023 को वाराणसी में की थी।

'संत रविदास' और 'भदोही' के मायने

जिले के नाम में 'संत रविदास' को फिर से जोड़ना दलित समुदाय के लिए एक बड़े सम्मान के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, 'भदोही' नाम को कायम रखने का भी अपना ऐतिहासिक महत्व है। जिला प्रशासन के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, इस क्षेत्र का नाम यहां के 'भार राज्य' के नाम पर पड़ा, जिसकी राजधानी भदोही हुआ करती थी। इस क्षेत्र में आज भी भार शासकों से जुड़े पुराने टीले और तालाब मौजूद हैं। इस तरह 'भदोही' नाम को बनाए रखना राजभर समाज की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने का एक प्रयास है।

इनपुट: IANS

N

News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से उत्तर प्रदेश से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →