आसियान अभ्यास: 6 देशों की नौसेनाओं ने सुबिक बे में परखा समुद्री सुरक्षा का तालमेल
फिलीपींस के सुबिक बे में छह देशों की नौसेनाओं ने एक संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभ्यास में हिस्सा लिया, जिसका समापन हाल ही में हुआ। इस बहुपक्षीय गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विभिन्न नौसेनाओं के बीच आपसी…
फिलीपींस के सुबिक बे में छह देशों की नौसेनाओं ने एक संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभ्यास में हिस्सा लिया, जिसका समापन हाल ही में हुआ। इस बहुपक्षीय गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विभिन्न नौसेनाओं के बीच आपसी सहयोग और परिचालन क्षमता को बढ़ाना था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' के अनुरूप, भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश भी इस अभ्यास का महत्वपूर्ण हिस्सा थे।
21 सितंबर को शुरू हुए इस कई दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन 23वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ कार्य समूह के तहत किया गया। इस वर्ष फिलीपींस की नौसेना ने इसकी मेजबानी की, जबकि जापान ने सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाई। भारत के अलावा इस अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान, अमेरिका और मेजबान फिलीपींस की नौसेनाएं शामिल हुईं।
अभ्यास के प्रमुख चरण और गतिविधियां
यह पूरा अभ्यास दो मुख्य चरणों में बंटा था। शुरुआती बंदरगाह चरण में, नौसैनिकों ने शांति, सुरक्षा, समुद्री संपर्क और पर्यावरण संरक्षण जैसे अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया। 22 सितंबर को भारतीय नौसैनिकों ने परिचालन से जुड़े तालमेल और टेबल-टॉप अभ्यास में भाग लिया। इसी दौरान जाम्बालेस के शेफर्ड्स ऑफ द हिल सेंटर में एक सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
इसके बाद समुद्री चरण शुरू हुआ, जिसमें सभी देशों के युद्धपोतों ने एक साथ मिलकर विभिन्न मिशनों को अंजाम दिया। इनमें खोज एवं बचाव अभियान, चिकित्सा निकासी, जल सर्वेक्षण और समुद्र में फंसे जहाज को सहायता पहुंचाने जैसे अभ्यास शामिल थे। इसके अतिरिक्त, जहाज के डेक पर विमान उतारने का भी अभ्यास किया गया, जो जटिल नौसैनिक अभियानों का एक अहम हिस्सा है।
क्षेत्रीय सहयोग और सुरक्षा पर जोर
इस संयुक्त गतिविधि की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न नौसेनाओं के बीच बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करना था। इसका उद्देश्य क्षेत्र में समुद्री सहयोग, आपसी समन्वय और सुरक्षा को मजबूत करना रहा। शुरू से ही इस अभ्यास का फोकस आपसी संवाद और समुद्र में मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित था। सुबिक बे में एक समापन समारोह के साथ यह सफल अभ्यास संपन्न हुआ।
इनपुट: IANS



