संभल: मंदिर-मस्जिद पर भड़काऊ बयानों का मामला, BJP, SP और AIMIM नेताओं समेत चार को नोटिस
उत्तर प्रदेश के संभल में मंदिर-मस्जिद विवाद को लेकर दिए गए कथित भड़काऊ बयानों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में चार प्रमुख लोगों को…
उत्तर प्रदेश के संभल में मंदिर-मस्जिद विवाद को लेकर दिए गए कथित भड़काऊ बयानों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में चार प्रमुख लोगों को नोटिस जारी कर तलब किया गया है, जिनमें भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और AIMIM से जुड़े नेता भी शामिल हैं। प्रशासन को आशंका है कि इन बयानों से इलाके की शांति और कानून-व्यवस्था भंग हो सकती है।
जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है, उनमें भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क, शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली और एआईएमआईएम नेता शकील अहमद का नाम है।
क्यों और कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा मामला भाजपा नेता राजेश सिंघल के एक बयान से गरमाया था, जो उन्होंने रहटौल गांव में रामलीला के मंच से दिया था। उन्होंने कहा था कि संभल में अब मस्जिद नहीं, मंदिर बनेंगे और हरिहर मंदिर जाने वालों पर गोली नहीं, बल्कि पुष्प वर्षा होगी। इस बयान के बाद ममलूकुर्रहमान बर्क और शकील अहमद ने इस पर आपत्ति जताते हुए जवाबी बयानबाजी की थी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।
प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
संभल और नखासा थाने से मिली पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से हुई इस बयानबाजी के कारण दो समुदायों के बीच शांति भंग होने का खतरा है। रिपोर्ट में जफर अली के पुराने बयानों और उन पर दर्ज मुकदमों का भी जिक्र किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार के अनुसार, उन्हें 23 सितंबर को पुलिस रिपोर्ट मिली थी, जिसे 25 सितंबर को उनके सामने प्रस्तुत किया गया।
जारी किए गए नोटिस में सभी चारों लोगों को 3 अक्टूबर को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उनसे यह भी पूछा गया है कि क्यों न उनसे छह महीने तक शांति बनाए रखने के लिए 20 हजार रुपए की जमानत या इतनी ही राशि का मुचलका भरवाया जाए। इस कार्रवाई के बाद संभल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
इनपुट: IANS



