जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले धारा 163 लागू, कपिल सिब्बल ने सरकार से पूछा - ख़तरा समाज को है या शासन को?
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू करने और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर…
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू करने और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब समाज के किसी भी वर्ग ने कोई शिकायत नहीं की, तो फिर यह पाबंदी किसके खतरे को देखते हुए लगाई गई। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिब्बल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को गुप्त स्थानों पर ले जाकर बेरहमी से पीटा जा रहा है।
सिब्बल ने कहा, “हम सब जानते हैं कि कई दिनों से ऐलान हुआ था कि हम 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचेंगे और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध करेंगे, तो मुझे नहीं पता कि किसको खतरा था। अगर कोई भी व्यक्ति या समाज के लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना चाहते हैं तो खतरा किसको है, समाज को तो नहीं है। लगता है शासन को खतरा है।”
कानून के इस्तेमाल पर सवाल
कपिल सिब्बल ने कानून के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि धारा 144 या बीएनएसएस की धारा 163 सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका में लगाई जाती है, ताकि हिंसा को रोका जा सके। उन्होंने कहा, “यह इसलिए लगाई जाती है ताकि समाज में कोई ऐसी घटना न हो जाए जिससे सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ जाए...पुलिस को जानकारी होती है कि अगर ऐसा हुआ तो हिंसा होगी, हिंसा होगी तो हमें धारा 144 या 163 लगानी पड़ेगी और बात भी सही है, लगानी भी चाहिए।”
हालांकि, उन्होंने मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा, “समाज के किसी वर्ग ने या किसी ने यह रिपोर्ट की हो कि भैया आप इनको मत आने दो, हमें खतरा है। किसी ने तो कुछ नहीं कहा।” उन्होंने कहा कि इस धारा को लगाकर सरकार असल में यह कह रही है कि आप विरोध नहीं कर सकते।
गिरफ्तारी और हिरासत में हिंसा का आरोप
सांसद सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के तरीके पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “अगर कोई जंतर-मंतर आ भी गया तो आपने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब यह भी पता नहीं कि किस धारा के तहत गिरफ्तार किया कि धारा 144 या 163 का उल्लंघन हुआ है। आप उसे ऐसी जगह ले जाते हैं, जो किसी को पता ही नहीं है।”
उन्होंने हवाई जहाज से आ रहे अभिजीत दिपके और आशुतोष राणा की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए पूछा कि विमान के अंदर क्या खतरा था। सिब्बल ने आरोप लगाया, “जिस तरह से बेरहमी से मारा जा रहा है और साथ ही उनको ले जाकर जहां भी हिरासत में रखा गया है, वहां भी पीटा जा रहा है, बेरहमी से पीटा जा रहा है।”
सरकार की मंशा पर संदेह
कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार को डर है कि देश भर से लोग दिल्ली में इकट्ठा होकर शांतिपूर्ण नारे लगाएंगे, जिससे उसकी छवि को नुकसान होगा। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लगता है कि यह सरकार समझती है कि हमें बड़ा खतरा है कि हिंदुस्तान की हर जगह से लोग आएंगे और फिर वह नारे लगाएंगे... सारे देश के लोग देखेंगे कि जनता यहां इकट्ठा हो गई है तो हमें और खतरा होगा।” सिब्बल के अनुसार, यह सब सरकार अपनी सुरक्षा के लिए कर रही है।
इनपुट: IANS



