सागरमंथन 2026: भारत ने सऊदी अरब, बेल्जियम और भूटान के साथ समुद्री साझेदारी को दी नई दिशा
नई दिल्ली में आयोजित 'सागरमंथन: द ग्रेट ओशन्स डायलॉग 2026' के दूसरे दिन भारत ने अपनी समुद्री साझेदारी को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और…
नई दिल्ली में आयोजित 'सागरमंथन: द ग्रेट ओशन्स डायलॉग 2026' के दूसरे दिन भारत ने अपनी समुद्री साझेदारी को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सऊदी अरब, बेल्जियम और भूटान के साथ द्विपक्षीय चर्चाओं का नेतृत्व किया, जिसमें निवेश, हरित ऊर्जा और क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन बैठकों का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को एक विश्वसनीय समुद्री भागीदार के रूप में स्थापित करना है। सोनोवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक जुड़े हुए ग्रीन और समृद्ध समुद्री भविष्य के लिए भरोसेमंद साथी है।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश का समुद्री भविष्य यहां के युवा लिखेंगे।
प्रमुख देशों के साथ सहयोग
सऊदी अरब: भारत ने वधावन और गलाथिया बे जैसी प्रमुख बंदरगाह परियोजनाओं में सऊदी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। सऊदी पोर्ट्स अथॉरिटी के साथ हुई बैठक में सऊदी अरब ने भारत के मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड में निवेश करने में भी रुचि दिखाई। इसके अतिरिक्त, दोनों पक्ष जहाज निर्माण, नाविकों के प्रशिक्षण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर सहयोग के लिए सहमत हुए।
बेल्जियम: बेल्जियम की मंत्री एनिक डी रिडर के साथ बातचीत में भारतीय बंदरगाहों को एंटवर्प-ब्रूज से जोड़ने वाले 'ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर' का प्रस्ताव रखा गया। इस दौरान हरित ईंधन, स्मार्ट पोर्ट तकनीक और ड्रेजिंग जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसी बैठक के हिस्से के रूप में, वीओसी पोर्ट ने ग्रीन शिपिंग में क्षमता निर्माण के लिए एंटवर्प पोर्ट के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।
भूटान: भूटान के मंत्री ल्योंपो चंद्र बहादुर गुरुंग के साथ बैठक में ब्रह्मपुत्र नदी पर स्थित राष्ट्रीय जलमार्ग-2 और जोगीघोपा टर्मिनल को भूटान के वैश्विक व्यापार के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी। साथ ही, डिब्रूगढ़ में बन रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भूटानी युवाओं को समुद्री प्रशिक्षण देने पर भी चर्चा की गई।
भारत के समुद्री क्षेत्र की प्रगति
इस अवसर पर भारत के समुद्री क्षेत्र में हुई प्रगति के आंकड़े भी साझा किए गए। पिछले 12 वर्षों में भारतीय बंदरगाहों की क्षमता 1561 एमटीपीए से बढ़कर 2817 एमटीपीए हो गई है। वहीं, कंटेनर जहाजों का टर्नअराउंड समय 35 घंटे से घटकर केवल 23 घंटे रह गया है।
मंत्री ने बताया कि भारतीय नाविकों की संख्या भी पिछले 12 साल में 1.27 लाख से बढ़कर 3.23 लाख हो गई है, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सीफेयरर आपूर्तिकर्ता बन गया है। महिला नाविकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2021 में 1599 से बढ़कर 2025 में 7033 हो गई है। राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने भी ग्रीस, लिथुआनिया, मोजाम्बिक और म्यांमार के साथ समुद्री सहयोग पर चर्चा की।
इनपुट: IANS



