Russia-Ukraine war: हर फिक्र को धुएं में उड़ाता… रूस-यूक्रेन युद्ध से किसको पड़ रहा फर्क

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Russia-Ukraine war: हर फिक्र को धुएं में उड़ाता… रूस-यूक्रेन युद्ध से किसको पड़ रहा फर्क

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। कोई नहीं जानता कब इस पर विराम लगेगा। यूक्रेन पर रूस के हमलों (Russia attack on Ukraine) में राजधानी कीव के अलावा खारकीव (Kharkiv) और मारियूपोल (Mariupol) जैसे शहर मलबों का ढेर बन गए हैं। रूसी बमबारी से यहां जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। उजड़ी वीरान सड़कों पर इधर-उधर सैनिक सिगरेट फूंकते दिख रहे हैं। एक खुशहाल देश बर्बादी की दहलीज पर खड़ा हो गया है। हमलों के डर से लाखों लोग यूक्रेन छोड़कर पड़ोसी देशों में शरण ले चुके हैं। सुलह का रास्‍ता नहीं दिख रहा है। हालांक‍ि, इस युद्ध को रुकवाने के ल‍िए ज‍िस श‍िद्दत से प्रयास होने चाह‍िए वो द‍िख नहीं रहे हैं। मानों कोई परवाह कर ही नहीं रहा है।

रूसी बमबारी में कभी शॉपिंग सेंटर निशाना बनता है तो कभी कोई कारखाना या बिल्‍ड‍िंग। पूर्वी यूक्रेन का हाल बुरा है। खारकीव और मारियूपोल युद्ध की भीषण त्रासदी झेल रहे हैं। हर दिन हमलों में लोगों की मौत हो रही है। जंग शुरू हुए 25 से ज्‍यादा दिन बीत चुके हैं। हालांकि, रूस और यूक्रेन दोनों अड़े हुए हैं।

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यूक्रेन ने रूस को अब तक कीव में पूरी तरह से कब्‍जा करने से रोक रखा है। रूस पूर्वी यूक्रेन में लगातार बढ़ने की कोशिश कर रहा है। खारकीव और मारियूपोल जैसे शहर उसके निशाने पर है। पूर्वी यूक्रेन के दोनेस्‍त्‍सक और लुहांस्‍क पहले ही रूस समर्थ‍ित अलगाववादियों के कब्‍जे में हैं। रूस मारियूपोल की घेराबंदी करने में जुटा हुआ है।

तबाही के निशान

जिधर नजर उठाओ तबाही का मंजर दिखता है। टूटी-फूटी इमारतें, सूनी सड़कें, बमबारी में फुंकी कारें और सैनिकों की चहलकदमी। इस हमले ने यूक्रेन को हिलाकर रख दिया है। मारियूपोल और खारकीव में सैकड़ों घर तबाह हो चुके हैं।

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यूक्रेन की ओर से सूमी शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक रासायनिक संयंत्र पर भी रूसी गोला गिरने की बात कही गई है। संयंत्र पर सोमवार की रात तीन बजे बम गिराया गया। इससे एक टैंक में रखी गई 50 टन अमोनिया गैस का रिसाव होने लगा। गैस पर काबू पाने में कई घंटे लग गए।

हर तरफ बर्बादी का मंजर

पूरी दुनिया इस युद्ध के थमने का इंतजार कर रही है। भारत भी शांति बहाली के लिए अपील कर चुका है। अगर यह युद्ध और लंबा खिंचा तो पूरी दुनिया के लिए अच्‍छा नहीं होगा। यह आपूर्ति की समस्‍या पैदा कर सकता है। इस जंग के यूक्रेन से बाहर भी फैलने की आंशका है। यह रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के लिए भी दिक्‍कतें पैदा कर सकता है। युद्ध लंबा खिंचने पर उनके खिलाफ रूस में भी विरोध के सुर बढ़ सकते हैं।

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