यूक्रेन ने रूस से जुड़े लोगों और सैन्य-औद्योगिक तंत्र पर लगाए नए प्रतिबंध, ज़ेलेंस्की ने सहयोगियों से मिलाया सुर
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस से संबंध रखने वाले व्यक्तियों और उसके सैन्य-औद्योगिक ढांचे के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ज़ेलेंस्की ने साफ किया कि यूक्रेन इन प्रतिबंधों…
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस से संबंध रखने वाले व्यक्तियों और उसके सैन्य-औद्योगिक ढांचे के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ज़ेलेंस्की ने साफ किया कि यूक्रेन इन प्रतिबंधों को अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की कार्रवाइयों के साथ समन्वित करेगा।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से इस फैसले की जानकारी दी। पोस्ट में ज़ेलेंस्की के हवाले से कहा गया, "मैंने नए प्रतिबंधों से जुड़े कई आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये प्रतिबंध रूस के सैन्य-औद्योगिक ढांचे और उन लोगों के खिलाफ हैं, जो किसी न किसी रूप में रूसी व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं और इतने बड़े युद्ध के बावजूद उस देश के साथ अपने संबंध बनाए हुए हैं।"
प्रतिबंधों के दायरे में कौन?
इन प्रतिबंधों का लक्ष्य यूक्रेन के उन नागरिकों को भी बनाना है जो रूस द्वारा अस्थायी रूप से कब्ज़ा किए गए क्षेत्रों में उसका साथ दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, यूक्रेन के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से जुड़े कुछ पूर्व व्यक्ति भी इसके दायरे में हैं। ज़ेलेंस्की के अनुसार, ये लोग भले ही यूरोप में रह रहे हों, लेकिन उनके "दस्तावेज, उनके संपर्क और उनकी सोच अब भी रूस से जुड़ी हुई है।"
हमलों के बीच हथियारों की मांग
यह कदम रूस द्वारा यूक्रेन पर किए जा रहे लगातार घातक हमलों के बीच उठाया गया है। ज़ेलेंस्की ने बताया कि रूस ने बुधवार देर रात बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का एक साथ इस्तेमाल कर नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, जिससे कीव, ओडेसा और चेर्निहीव क्षेत्रों में भारी तबाही हुई।
इन हमलों के बाद ज़ेलेंस्की ने एक बार फिर अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों से मिसाइलों की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "हमें पैट्रियट सिस्टम के लिए मिसाइलों की जरूरत है और केवल हमारे साझेदार देश ही उन्हें उपलब्ध करा सकते हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन इन हथियारों को खरीदने के लिए तैयार है और इसके लिए सहयोगियों, विशेषकर अमेरिका से जल्द फैसले लेने का आग्रह किया।
इनपुट: IANS



