राहुल गांधी ने RSS को बताया 'पुरुष प्रधान और संविधान विरोधी', भाजपा ने उनकी विदेश यात्राओं पर उठाए सवाल
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने RSS को एक ऐसा संगठन बताया है जो पुरुष प्रधान है और संविधान का विरोध करता है। समाचार…
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने RSS को एक ऐसा संगठन बताया है जो पुरुष प्रधान है और संविधान का विरोध करता है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए की।
अपनी पोस्ट में कांग्रेस सांसद ने लिखा, "आरएसएस एक पुरुष प्रधान, संविधान विरोधी संगठन है, जो मानता है कि महिलाएं पुरुषों की संपत्ति हैं।" उन्होंने आगे कहा, "मैं शिव-शक्ति में विश्वास करता हूं, इसलिए मुझे उनसे लड़ना इतना आनंद देता है। सबसे खूबसूरत बात यह है कि उनके संगठन की कई महिलाएं मेरे साथ हैं।" इसी संदेश में उन्होंने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं भी दीं और इस पर्व को सत्य व न्याय की विजय का प्रतीक बताया।
भाजपा सांसद का पलटवार और विदेश यात्राओं पर सवाल
राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर सवाल उठाते हुए उन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर अपना ज्यादातर समय विदेश में बिताते हैं, भारत आकर किसी मुद्दे पर विवाद खड़ा करते हैं और फिर विदेश यात्रा पर निकल जाते हैं।
प्रवीण खंडेलवाल ने मांग की कि राहुल गांधी को पिछले दो-तीन वर्षों में की गई अपनी सभी विदेश यात्राओं का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने पूछा, "राहुल गांधी इन यात्राओं के दौरान किन लोगों से मिलते हैं और उनके खर्च का भुगतान कौन करता है?" खंडेलवाल ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते जनता को उनकी यात्राओं के उद्देश्य और खर्च के बारे में जानने का अधिकार है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले उन्हें कांग्रेस का इतिहास देखना चाहिए।
इनपुट: IANS



