इतना गिर गया पाकिस्तान की श्रद्धा के नाम पर वसूली

0
katarpur corridor
इतना गिरगया पाकिस्तान की श्रद्धा के नाम पर वसूली

करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके है, बहुत ही बरसो से हिन्दू श्रद्धलुओं को इस पल का इंतेज़ार था की कब उन्हें करतारपुर साहिब के दर्शन करने का अवसर मिलेगा , अब जब घड़ी आ गयी है की करतारपुर कॉरिडोर के दरवाजे हिन्दू श्रद्धलुओं के लिए खोल दिए गए है।

पाकिस्तान ने गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर की यात्रा करने के लिए पांच हजार तीर्थयात्रियों को अनुमति दी है। साथ ही साथ पाकिस्तान प्रति तीर्थयात्री
से 20 डॉलर सेवा शुल्क के तोर पर वसूलेगा यानि करीब 1500 रुपये की फीस श्रद्धलुओं को दर्शन करने के लिए देने होंगे, भारत में इस चीज़ का विरोध हो रहा है की दर्शन के लिए फीस चार्ज करना कही से भी ठीक नहीं है। भारत ने भी पाकिस्तान से फीस नहीं लेने का आग्रह किया है.,, परन्तु पाकिस्तान आपने निर्णय पर अटल है और पीछे हटने को तैयार नहीं है। हिन्दू श्रद्धलुओं के लिए करतारपुर साहिब का बहुत महत्व है। करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित है, जोकि डेरा बाबा नानक के समीप सीमा से 4.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह गुरुद्वारा सिखों के लिए काफी पवित्र है, क्योंकि गुरु नानक देव ने अपने जीवन के 18 साल और अपना अंतिम समय भी यहीं बिताया था। खबर के अनुसार करतारपुर कॉरिडोर जाने वाले श्रद्धालुओं को पाकिस्तान द्वारा वीजा फ्री एक्सेस देने के लिए 23 अक्टूबर को समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

करतारपुर कॉरिडोर के दर्शन के लिए 20 डॉलर फीस के तोर पर देने पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल का कड़ा बयान सामने आया है, उन्होंने ट्वीट करते हुए यह कहा की करतारपुर साहिब में दर्शन के लिए भारतीय श्रद्धालुओं से 20 डॉलर की फीस लेना आस्था के नाम पर कारोबार करने जैसा है. पाकिस्तान ने इसे एक कारोबार की तरफ देखना शुरू किया है. बात दें कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने करतारपुर साहिब में दर्शन को लेकर कहा था कि इस फीस से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. हरसिमरत कौर ने पाकिस्तान के इस फैसले को लेकर सोशल साइट्स पर एक वीडियो भी पोस्ट किया है. जिसमें वह कह रही हैं कि आखिर कोई गरीब श्रद्धालु दर्शन के लिए इतनी बड़ी रकम का भुगतान कैसे कर सकता है ।

वर्तमान में एक डॉलर की कीमत 70.95 भारतीय रुपया है यानी पाकिस्तान हर दिन 70.95 लाख रुपए की कमाई करेगा. वहीं, पाकिस्तानी करेंसी की बात करें तो एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपए की कीमत 156.46 है यानी पाकिस्तान हर दिन 1.56 करोड़ रुपए पाकिस्तानी रुपए की कमाई करेगा. तीर्थयात्रियों को साल के 365 दिन करतारपुर जाने की अनुमति होगी, ऐसे में पाकिस्तान 3.65 करोड़ डॉलर अपने मुद्रा भंडार में जुटाएगा. यह धनराशि भारतीय रुपए में 258 करोड़ और पाकिस्तानी करेंसी 571 करोड़ रुपए होगी ।

यह भी पढ़ें : UNGA में प्रधानमंत्री मोदी का भाषण, पाक के प्रधानमंत्री इमरान भी रहें शामिल

राज्ये सरकार हो या फिर केंद्र सरकार दोनों ही दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से 20 डॉलर की फीस लेनी की बात का विरोध कर रहे है। श्रद्धा के नाम पर वसूली करना किसी भी लिहाज से सही नहीं है। पंजाब के मुख़्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी इस पर व्यथा जताई है और प्रधानमंत्री इमरान खान को ट्वीट द्वारा अनुरोध किया की शुल्क न लगया जाये। पासपोर्ट की अनिवार्यता और यात्रा से तीस दिन पहले ऑनलाइन सूचना देने जैसी बाध्यताएं तीर्थयात्रियों के सपने सच होने में बाधक होंगी क्योंकि बहुत से तीर्थयात्री गरीब हैं और उनके पास इंटरनेट की सुविधाएं नहीं हैं। तो सवाल यह उठता है की अब क्या पाकिस्तान दर्शन के नाम पर मासूम श्रद्धालुओं की श्रद्धा का फयदा उठाकर अपना कोष भरने की कोशिश में है। क्या ऐसा करके वो अपनी अर्थ व्यवस्था मजबूत करेगी?