RBI Monetary Policy: रिजर्व बैंक ने बदली मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग की तारीख, लता मंगेशकर के निधन से है सीधा कनेक्शन

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RBI Monetary Policy: रिजर्व बैंक ने बदली मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग की तारीख, लता मंगेशकर के निधन से है सीधा कनेक्शन

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए होने वाली बैठक का दिन बदल दिया है। रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं के मद्देनजर अपनी अगली और बजट 2022-23 के बाद पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दरों के मोर्चे पर यथास्थिति कायम सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह मानना है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) नीतिगत रुख को ‘उदार’ से ‘तटस्थ’ में बदल सकती है और नकदी के सामान्यीकरण प्रक्रिया के हिस्से के रूप में रिवर्स-रेपो दर में बदलाव कर सकती है।

8 फरवरी से शुरू होगी MPC की बैठक
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक सोमवार यानी 7 फरवरी से शुरू होनी वाली थी, लेकिन अब इस तारीख को बढ़ा दिया गया है। अब यह बैठक 8 फरवरी से शुरू होगी और 10 फरवरी तक चलेगी। बजट के तुरंत बाद होने वालीMPC की इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।

क्यों बढ़ाई गई बैठक की तारीख?
रिजर्व बैंक की मौद्रित नीति समिति की बैठक की तारीख इसलिए बढ़ाई गई है क्योंकि 7 फरवरी को महाराष्ट्र में छुट्टी डिक्लेयर की गई है। महाराष्ट्र सरकार ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 के सेक्शन 25 के तहत लता मंगेशकर के निधन पर उन्हें सम्मान देते हुए 7 फरवरी को छुट्टी की घोषणा की है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक एक्ट 1934 के सेक्शन 45ZI(4) के तहत बैठक को टालते हुए आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है।

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रिवर्स रेपो रेट में हो सकती है 0.25% की वृद्धि
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने रिवर्स रेपो दर में 0.25 फीसद की वृद्धि का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा, “बजट में वृद्धि को लेकर दिए गए आश्वासन और कच्चे तेल की कीमतों के कारण मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका को देखते हुए हम उम्मीद करते हैं कि रिजर्व बैंक रिवर्स रेपो दर में 0.25 प्रतिशत (25 आधार अंक) की वृद्धि करके सामान्यीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।’’ उन्होंने आगे कहा कि इस बार रेपो दर में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, अगले वर्ष इसमें 0.50 प्रतिशत की वृद्धि की जा सकती है।

रेपो रेट बढ़ने की उम्मीद नहीं
कोटक महिंद्रा बैंक में उपभोक्ता बैंकिंग की समूह अध्यक्ष शांति एकमबराम ने भी उम्मीद जताई कि केंद्रीय बैंक रिवर्स रेपो दर में 0.25 फीसद का बदलाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि रेपो दर में वृद्धि किए जाने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, एमपीसी अपना रूख ‘उदार’ से बदलकर ‘तटस्थ’ कर सकती है।

पिछली बैठक में नहीं हुआ था कोई बदलाव
एमपीसी की पिछली बैठक दिसंबर, 2021 में हुई थी। तब केंद्रीय बैंक ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो को चार प्रतिशत पर बरकरार रखा था। कोविड-19 के नये स्वरूप ओमीक्रोन को लेकर अनिश्चितता के बीच आर्थिक वृद्धि को गति देने के इरादे से केंद्रीय बैंक ने लगातार नौवीं बार नीतिगत दर को रिकॉर्ड निचले स्तर पर कायम रखने का फैसला किया था।

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