पहले नोट बंद किये अब सिक्के बंद करने की तैयारी कर रही है सरकार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सत्ता में 4 साल होने वाले हैं. इस बीच उनकी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम् फैसले किये हैं. सरकार ने सालों से सुस्त पड़े जीएसटी के कानून को लागू किया और जनता के बीच वन टैक्स व्यवस्था चालू की.

इसके इतर सरकार का नोटबंदी का फैसला भी खासा चर्चा का विषय रहा. 8 नवम्बर 2016 की मध्यरात्री  12 बजे से 500 और 1000 के सभी नोट बंद कर दिए गए थे. सरकार ने ये तर्क भी दिया था कि इस फैसले से भ्रष्टाचार और काला धन खत्म हो जाएगा. नोटबंदी लागू होने के बाद देश में काफी दिनों तक अफरातफरी जैसा माहौल रहा था.अब सरकार ने फैसला लिया है कि वो इसी कड़ी में एक क़दम और बढ़ाएगी.

नोट के बाद अब सिक्कों की बारी

अब केंद्र की मोदी सरकार नोटबंदी के बाद ‘सिक्का बंदी’ करने  की तैयारी कर रही है. खबर है कि नोएडा, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद के सरकारी टकसालों में सिक्कों को बनाने का काम बंद कर दिया गया है. बता दें कि भारत सरकार की तरफ से इन चारों जगह पर ही सिक्के बनाए जाते हैं. आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है कि मंगलवार से ही सिक्के बनाने का काम बंद कर दिया गया है.

पहले से स्टोर हैं सिक्के

इस फैसले के पीछे सरकार का तर्क है कि नोटबंदी के बाद काफी बड़ी संख्या में सिक्कों का प्रोडक्शन किया गया था. वो सिक्के अभी तक आरबीआई के स्टोर में बड़ी तादाद में उपलब्ध हैं. एक नोटिस की खबर को सच मानें, तो आठ जनवरी तक 2500  MPCS  सिक्कों का स्टोरेज है.  इस वजह से आरबीआई के अगले आदेश तक सिक्कों के प्रोडक्शन को रोक दिया गया है.

500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने के बाद मोदी सरकार की ओर से 2000 और 500 रुपये के नए नोट भी जारी किए गए थे. नोटबंदी के फैसले से देश में एक साथ करीब 85 फीसदी करेंसी रद्द कर दी गई थी.