भाजपा विदेशी ताकतों से रिश्तों का खुलासा करे और मिले लोगों को गिरफ़्तार करे: राशिद अल्वी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के 'विदेशी ताकत' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर देश को नुकसान पहुंचाने वाली…
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के 'विदेशी ताकत' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर देश को नुकसान पहुंचाने वाली विदेशी ताकतों और उनसे मिले भारतीय लोगों के बारे में जानकारी है, तो उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। अल्वी ने कहा कि सरकार की चुप्पी यह सवाल उठाती है कि वह ऐसी ताकतों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अल्वी ने पलटवार करते हुए कहा कि विदेशी ताकतों से सबसे ज्यादा संबंध तो भाजपा के ही लगते हैं। उन्होंने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप हर रोज कुछ न कुछ कहते रहते हैं और आप खामोश रहते हैं। सबसे ज्यादा संबंध तो आपके ही हैं अमेरिका के साथ।" उन्होंने भाजपा अध्यक्ष से कहा कि वे लोगों को गुमराह करने की बजाय स्पष्ट रूप से बताएं कि वे कौन-सी विदेशी ताकतें हैं और भारत में उनके सहयोगी कौन हैं।
कई मुद्दों पर भाजपा को घेरा
राशिद अल्वी ने अपनी बातचीत में कई अन्य मुद्दों पर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि जब फिल्मी हस्तियां भी बोलने लगें, तो यह समझना चाहिए कि देश में "लोकतंत्र कमजोर होता जा रहा है और तानाशाही मजबूत होती जा रही है।"
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के 1984 के दंगों पर दिए बयान पर अल्वी ने कहा कि कांग्रेस इन दंगों के लिए पहले ही माफी मांग चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दंगों का समर्थन आरएसएस के नेता नानाजी देशमुख ने किया था, जिन्हें भाजपा सरकार ने भारत रत्न दिया। अल्वी ने मांग की, "आप पहले यह बताइए कि क्या आप नानाजी देशमुख के विचारों से सहमत हैं या नहीं। और यदि आप सहमत नहीं हैं, तो उनका भारत रत्न वापस लीजिए।"
इंडिया ब्लॉक की रैली और अन्य बयान
अल्वी ने 1 नवंबर को होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली को टालने की मांग के पीछे भाजपा का हाथ बताया। उन्होंने सवाल किया कि अगर माहौल ठीक नहीं था तो पुलिस ने रैली की अनुमति क्यों दी, जबकि पुलिस कांग्रेस के अधीन नहीं है। वहीं, फारूक अब्दुल्ला के एक बयान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने भाजपा को "निश्चित तौर पर मुसलमानों की विरोधी पार्टी" बताया, लेकिन इस बात से असहमति जताई कि पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है।
इनपुट: IANS



