सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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HAL कोरापुट डिवीजन रचेगा इतिहास, रक्षा मंत्री की मौजूदगी में देगा 2000वां स्वदेशी एयरो-इंजन

भारत के रक्षा और विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल होने जा रही है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का कोरापुट डिवीजन 6 अक्टूबर को अपना 2,000वां एयरो-इंजन भारतीय…

HAL कोरापुट डिवीजन रचेगा इतिहास, रक्षा मंत्री की मौजूदगी में देगा 2000वां स्वदेशी एयरो-इंजन
(फोटो: IANS)

भारत के रक्षा और विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल होने जा रही है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का कोरापुट डिवीजन 6 अक्टूबर को अपना 2,000वां एयरो-इंजन भारतीय सशस्त्र बलों को सौंपेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह ऐतिहासिक कार्यक्रम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में होगा, जो एचएएल की लगभग छह दशकों की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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यह आयोजन केवल एक संख्या का उत्सव नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता का प्रतीक है। एयरो-इंजन किसी भी विमान या हेलीकॉप्टर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसकी तकनीक बेहद जटिल मानी जाती है। इसके विकास के लिए उच्च-स्तरीय इंजीनियरिंग, मैटेरियल साइंस और निर्माण क्षमता की जरूरत होती है। इसलिए, देश में एयरो-इंजन बनाने की क्षमता का विकास रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है।

'शक्ति' इंजन के लिए नई उत्पादन लाइन

इस अवसर पर 'शक्ति' इंजन के लिए 218 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित दूसरी उत्पादन लाइन को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। यह नई सुविधा देश में विकसित हो रहे हेलीकॉप्टरों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से बनाई गई है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 'शक्ति' इंजन का इस्तेमाल 'ध्रुव' एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) और 'प्रचंड' लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) जैसे महत्वपूर्ण भारतीय प्लेटफॉर्मों में किया जाता है। इस दूसरी उत्पादन लाइन के शुरू होने से इन हेलीकॉप्टरों के लिए इंजन उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और स्वदेशी कार्यक्रमों को गति मिलेगी।

आत्मनिर्भर भारत की उड़ान

एचएएल के कोरापुट डिवीजन ने दशकों से भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहां निर्मित इंजन देश की विमानन और रक्षा प्रणालियों को शक्ति प्रदान करते आए हैं। यह कार्यक्रम सरकार के उस दृष्टिकोण को भी दर्शाता है जो भारत को रक्षा उपकरण खरीदने वाले देश से आगे ले जाकर रक्षा प्रणालियों के डिजाइन, विकास और निर्माण में एक सक्षम राष्ट्र बनाना चाहता है।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में रक्षा मंत्री के अलावा ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रवि के. सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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