राजनाथ सिंह ने माँगा राहुल गाँधी से जवाब, “72 दिन तक किये 6 विदेशी दौरे… हमे जवाब चाहिए कहाँ गए थे?”

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गुजरात दौरे के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के काफिले पर पथराव की घटना को लेकर लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस सदस्यों ने भारी हंगामा किया और इस घटना को राहुल गांधी की जान लेने का प्रयास बताया। वहीं, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी इस देश की अनमोल धरोहर है और इस घटना को किसी प्रकार से उचित नहीं ठहराया जा सकता है लेकिन देश जानना चाहता है कि छह मौकों पर 72 दिन विदेश में रहने के दौरान उन्होंने एसपीजी सुरक्षा क्यों नहीं ली? गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘कांग्रेस उपाध्यक्ष छह मौकों पर 72 दिन विदेश में रहे और इस दौरान उन्होंने एसपीजी सुरक्षा नहीं ली तथा कानून का उल्लंघन करके स्वयं की सुरक्षा को खतरे में डाला। देश जानना चाहता है कि राहुल गांधी विदेश यात्रा के बारे में क्या छिपाना चाहते हैं?’’

लोकसभा में आज कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि गुजरात में बाढ़ पीड़ितों से मिलने गए राहुल गांधी पर जानलेवा हमला हुआ और अगर पत्थर कार की अगली सीट पर लगता तो उनकी जान जा सकती थी। गांधी परिवार से दो लोगों की जान गई है, वे शहीद के बेटे हैं, उनकी जान लेने की कोशिश हुई है, लेकिन हम डरने वाले नहीं है। हम महात्मा गांधी के अहिंसा के पथ पर चलने वाले हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आप हिंसा और घृणा की बाते करते हैं, हम हिंसा की बात करते हैं। इस मामले में दोषियों को दंडित किया जाए और भाजपा माफी मांगे। कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहली बार साढे़ ग्यारह बजे आधे घंटे के लिए और फिर 12 बजकर 20 मिनट पर दिनभर के लिये स्थगित हो गई।

इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने 121 बार देश के विभिन्न स्थानों का दौरा किया और 100 बार एसपीजी कानून का उल्लंघन किया और सुरक्षा नहीं ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष छह दौरे पर 72 दिन विदेश में रहे और इस दौरान एसपीजी सुरक्षा नहीं ली तथा कानून का उल्लंघन करके स्वयं की सुरक्षा को खतरे में डाला। उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि राहुल गांधी विदेश यात्रा के बारे में क्या छिपाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एसपीजी सुरक्षा संसद के कानून के तहत प्रदान की जाती है। लेकिन राहुल गांधी ने यह सुरक्षा नहीं लेकर कानून का उल्लंघन किया और स्वयं के प्रति भी लापरवाही बरती।

गृह मंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि राहुल गांधी आपदा राहत का जायजा लेने की बजाए वहां आपदा पर्यटन करने गए थे। राजनाथ ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार और अन्य एजेंसी ने सुरक्षा का पूरा प्रबंध किया था लेकिन राहुल गांधी ने एसपीजी की बुलेट प्रूफ कार में बैठने की सलाह की बजाय गैर बुलेट प्रूफ कार में बैठने की अपने पीएस की सलाह को माना। राहुल गांधी लोगों से मिलने के लिये बार बार कार से उतरते रहे, ऐसे स्थानों पर भी रूके जो पूर्व निर्धारित नहीं था। धनेरा गांव में उन्हें काले झंडे दिखाये गए और इसके बाद वे सात मिनट बाद ही वहां से रवाना हो गए।

राजनाथ ने कहा कि देश में राहुल गांधी ने 100 बार बुलेफ प्रूफ कार का इस्तेमाल नहीं किया। विदेश दौरे के दौरान एसपीजी सुरक्षा नहीं ली। इन उल्लंघनों के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी के कार्यालय को ध्यान दिलाया गया। इनके कार्यालय से कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि विदेश दौरे पर जाने के संबंध में भी राहुल गांधी कुछ घंटे पहले सूचित करते हैं। संसद के अधिनियम के तहत एसपीजी सुरक्षा प्रदान की जाती है। उच्चतम न्यायालय में भी इस संबंध में निर्देश आ चुके हैं। एसपीजी सुरक्षा के बिना विदेश जाना कानून का उल्लंघन है।

इससे पहले कांग्रेस के मल्लकार्जुन खडगे ने सवाल किया था कि जो लोग जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजी करते हैं, उन्हें आतंकी कृत्य कहा जाता है, तो गुजरात में पत्थर फेंकने वालों को क्या कहा जाए। राहुल गांधी राष्ट्रीय नेता है और गुजरात में बाढ़ पीड़ितों से मिलने गए जहां 270 लोगों की जान जा चुकी है। गुजरात के मुख्यमंत्री उस स्थान पर पांच दिन बाद जाते हैं लेकिन राहुल गांधी की गाड़ी पर पत्थर से हमला किया जाता है। हम पूछ रहे हैं कि मुख्यमंत्री पांच दिन कहां थे।

 

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