राजस्वकर्मी की हत्या पर झारखंड में कामकाज ठप, कर्मचारियों ने की एक-दिवसीय कलमबंद हड़ताल
झारखंड में एक राजस्व उप-निरीक्षक की हत्या के बाद पूरे राज्य के राजस्व कर्मियों ने गुरुवार को एक-दिवसीय कलमबंद हड़ताल की। इस विरोध प्रदर्शन के कारण म्यूटेशन, भूमि मापी और प्रमाण पत्र जारी करने जैसे…
झारखंड में एक राजस्व उप-निरीक्षक की हत्या के बाद पूरे राज्य के राजस्व कर्मियों ने गुरुवार को एक-दिवसीय कलमबंद हड़ताल की। इस विरोध प्रदर्शन के कारण म्यूटेशन, भूमि मापी और प्रमाण पत्र जारी करने जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य पूरी तरह से रुक गए, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रांची के अरगोड़ा अंचल में तैनात लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के विरोध में यह कदम उठाया गया।
यह राज्यव्यापी हड़ताल झारखंड राज्य राजस्व उपनिरीक्षक संघ के आह्वान पर की गई। संघ ने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी और सभी राजस्व कर्मियों के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। हड़ताल में राजस्व निरीक्षक, उप-निरीक्षक और अंचल अमीन सहित विभाग के सभी मैदानी कर्मचारी शामिल हुए।
क्या है पूरा मामला?
अरगोड़ा अंचल में पदस्थ राजस्व उप-निरीक्षक लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या 24 अक्टूबर को रांची के नामकुम स्थित उनके आवास पर कर दी गई थी। उनके सिर पर चोट के निशान पाए गए थे। मौके से सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर और उनका मोबाइल फोन भी गायब था। इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
संघ ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ के मुख्य संरक्षक भारत सिन्हा और महामंत्री दुर्गेश मुंडा ने एक संयुक्त बयान में सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्मीकांत मुंडा के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो उनका संघर्ष जारी रहेगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस-प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। गुरुवार शाम को हड़ताल समाप्त होने के बाद संघ की एक आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इनपुट: IANS



