Railway News: ट्रेनों को क्या निजी कंपनियां चलाएंगी? पढ़िए इस सवाल का रेल मंत्री ने क्या जवाब दिया

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Railway News: ट्रेनों को क्या निजी कंपनियां चलाएंगी? पढ़िए इस सवाल का रेल मंत्री ने क्या जवाब दिया

नई दिल्ली: देश में प्राइवेट ट्रेन चलाने (Private Train Operation) की योजना परवान चढ़ती नहीं दिख रही है। सरकार (Railway Minister) का कहना है कि इस समय दो प्राइवेट ट्रेन रेगुलर तरीके से चलाई जा रही हैं। लेकिन वे फायदे में नहीं चल रही हैं। इसे देखते हुए अभी देश के किसी हिस्से में प्राइवेट ट्रेन चलाने का प्रस्ताव नहीं है। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है।

रेल मंत्री ने बुधवार को लोकसभा में एक तारांकित प्रश्न के जवाब में बताया कि किसी प्राइवेट ऑपरेटर द्वारा कोई रेगुलर पैसेंजर ट्रेन (Passenger Train) चलाने का प्रस्ताव अभी मंत्रालय के पास नहीं है। देश में पहले से ही दो प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) के नाम से चल रही हैं। इनमें से एक ट्रेन नई दिल्ली से लखनऊ (Lucknow Tejas) के बीच और दूसरी ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल (Mumbai Tejas) के बीच चल रही है। लेकिन ये दोनों ट्रेन घाटे में चल रही हैं। इन दोनों ट्रेनों में अभी तक रेलवे को करीब 58 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है।

शुरू में लखनऊ तेजस चली फायदे में
अश्विनी वैश्नव ने बताया कि शुरू में नई दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस फायदे में थी। साल 2019-20 में तो इस ट्रेन से 2.33 करोड़ रुपये का फायदा भी हुआ। हालांकि इसी साल अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस से 2.91 करोड़ का नुकसान हुआ। इसके बाद साल 2020-21 में लखनऊ तेजस से 16.79 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसी साल अहमदाबाद तेजस से 16.45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। साल 2021-22 में लखनऊ तेजस से 8.50 करोड़ रुपये का घाटा हुआ जबकि अहमदाबाद तेजस से 15.97 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

कब शुरू हुई तेजस एक्सप्रेस
देश में पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस 2019 में शुरू हुई थी। पहली तेजस एक्‍सप्रेस नई दिल्‍ली- लखनऊ रूट पर चार अक्टूबर 2019 को चली थी। तेजस का ऑपरेशन रेलवे की सब्सिडियरी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्‍म कॉरपोरेशन (IRCTC) की ओर से किया जाता है। इसके बाद अहमदाबाद और मुंबई सेंट्रल के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस की शुरूआत 17 जनवरी 2020 को हुई थी।

109 रूटों पर प्राइवेट ट्रेन चलाने की थी योजना
केंद्र सरकार ने देश के 109 रूटों पर 151 प्राइवेट ट्रेन चलाने की योना बनाई थी। इस पर काम भी शुरू हो गया था। अनुमान था कि इससे प्राइवेट कंपनी 30 हजार रुपये का निवेश करेंगी। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

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