राहुल गाँधी ने साझा की कैलाश मानसरोवर यात्रा की तस्वीरें, कुछ इस अंदाज़ में दिख रहे है राहुल

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कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गाँधी इन दोनों कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर है. उन्होंने कुछ महीने पहले मानसरोवर जाने की इच्छा जताई थी. हालांकि अब बाबा का बुलावा अब आ गया है. वह 31 अगस्त को दिल्ली से कैलाश की यात्रा के लिए निकले थे. इसी बीच उन्होंने पहली बार सोशल नेटवर्किंग साईट पर पहली बार कुछ तस्वीरे और विडियो जारी की है.

फोटो डाल कर लिखा ‘शिव ही ब्रहमांड है’, कैलाश मानसरोवर आना सौभाग्य की बात

कैलाश यात्रा पर गए राहुल गांधी की कुछ तस्वीरें सामने आईं हैं. इन तस्वीरों में राहुल गांधी स्थानीय लोगों और कैलाश यात्रा पर आए अन्य लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाते हुए नजर आ रहे हैं. शुक्रवार को राहुल गांधी ने अपने ट्विटर पर कैलाश पर्वत का एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो के कैप्शन में राहुल ने लिखा, ‘शिव ब्रह्मांड हैं.’

इससे पहले राहुल गांधी ने गुरुवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा की कुछ तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा था, ‘इस विशालकाय पर्वत की शरण में आना सौभाग्य की बात है.’ इससे पहले राहुल ने ट्वीट किया था कि एक इंसान कैलाश की यात्रा तभी कर सकता है जब उसे बुलावा आता है, मैं इस बात से खुश हूं कि मुझे ये मौका मिला. आगे उन्होंने लिखा, ‘मुझे जो कुछ भी यहां पर देखने का मौका मिलेगा मैं देखूंगा और आपके साथ शेयर भी करूंगा.’

चर्चा में रही है राहुल गाँधी की कैलाश यात्रा

राहुल गाँधी की यह कैलाश यात्रा शुरू से ही सुर्खियो में रही है. दरअसल कुछ दिने पहले सोशल मीडिया पर उनके यात्रा से पहले नॉन-वेज खाने पर बवाल मच गया था. एसा कहा जा रहा था की नेपाल के जिस होटल में वह रुके है वह कर्मचारी ने उनके नॉन-वेज खाने के बारे बताया है. यही नहीं कल सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी द्वारा ट्विटर पर फोटो डालने पर भी बवाल हो गया. कही लोगों का कहना था की वह इंटरनेट से फोटो डाउनलोड करके अपने ट्विटर हैंडल से डाल रहे है. लेकिन अब राहुल गाँधी ने अन्य यात्रियों के साथ वीडियो और फोटो भी जारी की है.

कर्नाटका चुनाव के प्रचार के दौरान हादसे से बचने के बाद किया था कैलाश जाने का वादा  

बता दे अप्रैल में दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की ‘जन-आक्रोश रैली’ राहुल गांधी ने कहा था, ‘मैं दो-तीन दिन पहले कर्नाटक जा रहा था, मैं प्लेन में सवार था. प्लेन अचानक 8 हजार फीट नीचे आ गया. मैं अंदर से हिल गया और लगा कि अब गाड़ी गई. तभी मुझे कैलाश मानसरोवर याद आया. अब मैं आपसे 10 से 15 दिन के लिए छुट्टी चाहता हूं ताकि कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा सकूं.’