रविवार, 1 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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उत्तर कोरिया ने सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए क्लस्टर बम का परीक्षण किया, सैन्य इकाइयों में तैनाती की तैयारी

उत्तर कोरिया ने अपने सैन्य शस्त्रागार को और घातक बनाते हुए एक नए क्लस्टर बम वॉरहेड का परीक्षण किया है, जिसे सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों पर तैनात किया जा सकेगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…

उत्तर कोरिया ने सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए क्लस्टर बम का परीक्षण किया, सैन्य इकाइयों में तैनाती की तैयारी
(फोटो: IANS)

उत्तर कोरिया ने अपने सैन्य शस्त्रागार को और घातक बनाते हुए एक नए क्लस्टर बम वॉरहेड का परीक्षण किया है, जिसे सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों पर तैनात किया जा सकेगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परीक्षण का उद्देश्य ऐसे हथियार विकसित करना है जो एक साथ एक बड़े इलाके में कई विस्फोटक गिराकर व्यापक तबाही मचा सकते हैं। किम जोंग उन के नेतृत्व वाला प्रशासन अब इन हथियारों को अपनी सैन्य इकाइयों को सौंपने की तैयारी कर रहा है।

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उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने रविवार को जानकारी दी कि देश के मिसाइल विभाग ने यह परीक्षण शनिवार को किया। इस दौरान सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय समिति के प्रथम उपविभाग निदेशक और केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य जनरल किम जोंग-सिक ने परीक्षण की निगरानी की।

मारक क्षमता और तैनाती की योजना

क्लस्टर बम पारंपरिक बमों से अलग होते हैं, क्योंकि इनके मुख्य वॉरहेड में दर्जनों या सैकड़ों छोटे विस्फोटक (सबम्यूनिशन) होते हैं। जब मुख्य बम हवा में खुलता है, तो ये छोटे विस्फोटक एक बड़े क्षेत्र में फैलकर अलग-अलग जगहों पर धमाका करते हैं। इससे एक ही मिसाइल से कई ठिकानों, सैन्य वाहनों या सैनिकों को निशाना बनाना संभव हो जाता है।

उत्तर कोरिया के मिसाइल विभाग के अनुसंधान संस्थानों ने दावा किया है कि स्टैंडर्ड टाइप-2 क्लस्टर वॉरहेड 12 से 13 हेक्टेयर (लगभग 30 से 32 एकड़) के क्षेत्र को अपनी अधिकतम मारक क्षमता से तबाह कर सकता है। मिसाइल यूनिट के महानिदेशक के अनुसार, क्लस्टर वॉरहेड को चार श्रेणियों में बांटा गया है, जिनमें विशेष उद्देश्य और सामान्य इस्तेमाल वाले प्रकार शामिल हैं। योजना के तहत इस साल के अंत तक सभी प्रकार के वॉरहेड सैन्य इकाइयों को उपलब्ध करा दिए जाएँगे।

अंतरराष्ट्रीय चिंता और हालिया घटनाक्रम

यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर कोरिया लगातार अपने मिसाइल कार्यक्रम का विस्तार कर रहा है। इसी साल अप्रैल में भी उसने ह्वासोंग-11 रा सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल पर क्लस्टर बम और फ्रैगमेंटेशन माइन वॉरहेड लगाकर परीक्षण करने का दावा किया था, जिसकी निगरानी किम जोंग उन ने खुद की थी। उस परीक्षण में मिसाइलों ने करीब 136 किलोमीटर दूर एक द्वीप के पास 13 हेक्टेयर के लक्ष्य क्षेत्र को निशाना बनाया था।

क्लस्टर हथियारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंताएं हैं, क्योंकि इनके बिना फटे छोटे विस्फोटक बाद में आम नागरिकों, खासकर बच्चों के लिए बारूदी सुरंग की तरह जानलेवा साबित होते हैं। साल 2008 की एक अंतरराष्ट्रीय संधि इन पर प्रतिबंध लगाती है, लेकिन उत्तर कोरिया, अमेरिका, रूस, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे कई देश इस संधि के सदस्य नहीं हैं।

यह परीक्षण अटलांटा में दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के शीर्ष राजनयिकों की त्रिपक्षीय वार्ता के ठीक बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग दोहराई थी।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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