गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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उत्तर कोरिया पर बढ़ा दबाव: अमेरिका-दक्षिण कोरिया समेत 12 पक्षों ने पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग दोहराई

उत्तर कोरिया के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिका और दक्षिण कोरिया समेत 11 देशों और यूरोपीय संघ ने एक…

उत्तर कोरिया पर बढ़ा दबाव: अमेरिका-दक्षिण कोरिया समेत 12 पक्षों ने पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग दोहराई
(फोटो: IANS)

उत्तर कोरिया के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिका और दक्षिण कोरिया समेत 11 देशों और यूरोपीय संघ ने एक संयुक्त बयान जारी कर प्योंगयांग के पूर्ण, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य को दोहराया है। यह बयान उत्तर कोरिया पर हाल ही में लगाए गए नए प्रतिबंधों के समर्थन में आया है।

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बुधवार को जारी इस संयुक्त बयान में अक्टूबर में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का स्वागत किया गया। इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य उन वित्तीय स्रोतों को बंद करना है, जिनसे उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार और मिसाइल कार्यक्रमों के लिए धन जुटाता है। बयान पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में दक्षिण कोरिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने की अपील

इन 12 पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों, विशेषकर सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों से आग्रह किया है कि वे उत्तर कोरिया पर लगे प्रतिबंधों से जुड़े प्रस्तावों को पूरी तरह से लागू करें। उन्होंने बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी दल (MSMT) की रिपोर्टों का भी उल्लेख किया, जिसमें उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग तथा अवैध साइबर गतिविधियों से राजस्व जुटाने जैसी बातें सामने आई हैं।

गौरतलब है कि MSMT का गठन अप्रैल 2024 में तब किया गया था, जब रूस ने उत्तर कोरिया पर प्रतिबंधों की निगरानी करने वाले संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ पैनल का कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव पर वीटो कर दिया था।

अवैध आईटी गतिविधियों पर नए अमेरिकी प्रतिबंध

इसी बीच, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बुधवार को उत्तर कोरिया के आईटी कर्मियों से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। इस कार्रवाई में 10 व्यक्तियों और एक इकाई को निशाना बनाया गया है। इन पर अपनी पहचान छिपाकर अमेरिकी कंपनियों में काम करने और अवैध रूप से उत्तर कोरिया के लिए राजस्व जुटाने में मदद करने का आरोप है। अधिकारियों का मानना है कि इस कमाई का एक बड़ा हिस्सा प्योंगयांग के हथियार कार्यक्रमों में इस्तेमाल होता है।

लंबे समय से उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर विषय बना हुआ है। हालांकि अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान इस पर रोक लगाने के लिए समन्वय बढ़ा रहे हैं, लेकिन वाशिंगटन ने प्योंगयांग के साथ बातचीत का रास्ता भी खुला रखा है।

इनपुट: IANS

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