उत्तर प्रदेश: 1 नवंबर से धान खरीद शुरू, योगी सरकार ने किसानों के लिए किए विशेष इंतजाम
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अहम खबर है। राज्य के पूर्वी हिस्से के कई संभागों समेत लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में 1 नवंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बार…
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अहम खबर है। राज्य के पूर्वी हिस्से के कई संभागों समेत लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में 1 नवंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बार सरकार ने 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल खरीदे गए 62 लाख मीट्रिक टन से अधिक है। यह खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी।
इस वर्ष केंद्र सरकार ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भी बढ़ोतरी की है। कॉमन धान के लिए एमएसपी 2441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान के लिए 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों को धान की उतराई, छनाई और सफाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा।
किसानों की सुविधा और भुगतान के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मौसम को देखते हुए उनके लिए छाया, पानी और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने पर भी जोर दिया गया है। सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में (डीबीटी के माध्यम से) कर दिया जाए। बिचौलियों की भूमिका खत्म करने के लिए पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है।
कहां और कैसे होगी धान की खरीद?
यह खरीद प्रक्रिया पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज संभागों में शुरू हो रही है। इसके अलावा लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिलों में भी 1 नवंबर से ही धान खरीदा जाएगा।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने 8 क्रय एजेंसियों के माध्यम से 4500 खरीद केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 4195 केंद्र शुक्रवार तक खोले जा चुके हैं। अब तक 38 हजार से अधिक किसान धान बेचने के लिए अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
पंजीकरण और सहायता
जो किसान अभी तक पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, वे खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट (fcs.up.gov.in) या 'यूपी किसान मित्र' ऐप पर अपना पंजीकरण या नवीनीकरण कर सकते हैं। किसी भी समस्या की स्थिति में किसान सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-1800-150 पर संपर्क कर सकते हैं।
इनपुट: IANS



