पंजाब AAP में बगावत की शुरुआत, कई और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं: कांग्रेस नेता उदित राज का दावा
कांग्रेस नेता उदित राज ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर बड़ी बगावत की आशंका जताई है। उन्होंने दावा किया है कि विधायकों के इस्तीफे के साथ ही पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आ गया है और आने वाले…
कांग्रेस नेता उदित राज ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर बड़ी बगावत की आशंका जताई है। उन्होंने दावा किया है कि विधायकों के इस्तीफे के साथ ही पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आ गया है और आने वाले दिनों में कई अन्य नेता भी पार्टी छोड़ सकते हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, उदित राज ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब की सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं, बल्कि दिल्ली से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया चला रहे हैं।
उदित राज ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 'आप' के भीतर यह असंतोष लंबे समय से पनप रहा था। उनके अनुसार, जब पार्टी के सांसदों ने वॉकआउट किया था, उस समय भी लगभग 40 से 45 विधायक पार्टी छोड़ने के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा, "पार्टी के भीतर बगावत तो होनी ही थी और अब यह शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में पार्टी से और भी लोग इस्तीफा देंगे।"
भगवंत मान की भूमिका पर सवाल
कांग्रेस नेता ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चलाने में भगवंत मान की कोई प्रभावी भूमिका नहीं है और वे नशे में रहते हैं। उदित राज ने कहा, "सरकार चलाने से भगवंत मान का कोई लेना-देना नहीं है। सरकार तो मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल और उनके साथी चला रहे हैं। पंजाब की सरकार तो दिल्ली के लोग चला रहे हैं।"
दिल्ली प्रदूषण पर भाजपा को घेरा
पंजाब की राजनीति के अलावा, उदित राज ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों से भाजपा इस समस्या के लिए दिल्ली सरकार या नगर निगम को दोष देती रही है, लेकिन अब प्रधानमंत्री से लेकर दिल्ली सरकार और एमसीडी तक सब कुछ भाजपा के नियंत्रण में है, फिर भी हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सर्दियों की शुरुआत से पहले ही दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अगर उनकी पार्टी को मौका मिले, तो वह 24 से 72 घंटों के भीतर प्रदूषण को नियंत्रित कर सकती है।
इनपुट: IANS



