Punjab Cabinet Expansion: कैप्टन अमरिंदर सिंह के 5 करीबियों की छुट्‌टी और 8 की वापसी, 7 नए चेहरों को भी जगह

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Punjab Cabinet Expansion: कैप्टन अमरिंदर सिंह के 5 करीबियों की छुट्‌टी और 8 की वापसी, 7 नए चेहरों को भी जगह

हाइलाइट्स

  • शुक्रवार को पंजाब हाईकमान के साथ दिल्ली में हुई चर्चा
  • मंत्रिमंडल की फाइनल लिस्ट लेकर पंजाब पहुंचे सीएम
  • चरणजीत सिंह चन्नी के मंत्रिमंडल का शपथग्रहण रविवार को
  • 7 नए चेहरों के साथ 15 मंत्री लेंगे शपथ, अमरिंदर के खास होंगे बाहर

चंडीगढ़
पंजाब में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के मंत्रिमंडल की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। रविवार की शाम साढ़े चारे बजे राज्यपाल सीएम चन्नी के नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, सीएम चन्नी, प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लंबे विचार विमर्श के बाद मंत्रियों की लिस्ट को अंतिम रूप दिया।

फाइनल लिस्ट में जहां कैप्टन सरकार में रहे आठ मंत्रियों को दोबारा जगह दी जा रही है, वहीं पांच मंत्रियों की छुट्टी होने की बात है। इस लिस्ट में सात नए चेहरों को भी जगह मिली है। शनिवार को चन्नी ने राज्यपाल से मिलकर शपथ का समय लिया।

कैप्टन के इन खिलाड़ियों को मिली जगह
कैप्टन सरकार में मंत्री रहे जिन चेहरों को इसमें जगह मिली है, उनमें विजय इंदर सिंगला, मनप्रीत बादल, रजिया सुल्ताना, ब्रह्म मोहिंदरा, अरुणा चौधरी, भारत भूषण आशु, तृप्त राजिंदर बाजवा और सुख सरकारिया शामिल हैं। बादल ने बतौर सीएम चन्नी के नाम को आगे बढ़ाने और हाईकमान को तैयार करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं कैप्टन सरकार में शिक्षा मंत्री रहे सिंगला के काम ने उन्हें दोबारा मौका दिलाया है। बाजवा और सरकारिया ने कैप्टन के खिलाफ लड़ाई में सिद्धू का भरपूर साथ दिया। जबकि आशु को मंत्रिमंडल में मौका मिलने की वजह दिल्ली से उनके रिश्ते बताए जाते हैं, वहीं चन्नी से रिश्तेदारी के चलते अरुणा चौधरी को मौका मिलने की बात है। रजिया सुल्ताना सिद्धू के सलाहकार मुहम्मद मुस्तफा की पत्नी हैं।

इन्हें नहीं मिली जगह
साधु सिंह धर्मसोत, बलवीर सिद्धू, राणा गुरमीत सोढ़ी, गुरप्रीत कांगड़ और सुंदर शाम अरोड़ा को जगह नहीं मिल सकी है। बताया गया कि ये सभी चेहरे विवादित हैं।

सात नए चेहरे चन्नी टीम में
परगट सिंह, संगत गिलजियां, गुरकीरत कोटली, कुलजीत नागरा, राणा गुरजीत, राजकुमार वेरका और अमरिंदर सिंह राजा वारिंग शामिल हैं। इस लड़ाई में परगट सिंह लगातार सिद्धू के साथ रहे, जबकि गिलजियां और नागरा पंजाब कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष हैं। वेरका जहां दलित चेहरा हैं, वहीं गिलजियां ओबीसी चेहरा हैं। पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष वारिंग भी कैप्टन के मुखर विरोधी रह चुके हैं। पिछले दिनों सिद्धू ने वारिंग के घर जाकर उन्हें चन्नी सरकार में आने की पेशकश की थी।

सीएम चन्नी और दो डेप्युटी सीएम ने ली थी शपथ
बता दें कि पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद 20 सितंबर को चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री तथा सुखजिंदर सिंह रंधावा तथा ओपी सोनी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। औपचारिकता के चलते कैबिनेट की एक बैठक में कई अहम फैसले भी हो चुके हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्रियों को अभी तक विभागों का आवंटन नहीं किया गया।

हर मंगलवार मंत्रियों-विधायकों के मिलेंगे सीएम
सरकार और लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल को सुनिश्चित बनाने के लिए, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि वह हर मंगलवार को मंत्रियों, विधायकों और अन्य राजनीतिक अधिकारियों के साथ अपने कार्यालय में सुबह 11:30 से दोपहर 2:30 बजे तक मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि हर मंगलवार बाद दोपहर तीन बजे कैबिनेट मीटिंग की जाएगी।

लिस्ट में सात नए चेहरों को भी जगह
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी ने नए मंत्रिमंडल को आकार देते हुए इस बात का ख्याल फाइनल लिस्ट में जहां कैप्टन सरकार में रहे आठ मंत्रियों को दोबारा जगह दी जा रही है, वहीं पांच मंत्रियों की छुट्टी होने की बात है। इस लिस्ट में सात नए चेहरों को भी जगह मिली है। शनिवार को चन्नी ने राज्यपाल से मिलकर शपथ का समय लिया। रखा कि इसमें से उन्हीं मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया, जिन्हें लेकर कोई न कोई विवाद था। दरअसल कांग्रेस चुनाव से ऐन पहले अपने पिछली कैबिनेट के ज्यादा मंत्रियों को छोड़ना नहीं चाहती थी, जिससे पार्टी के भीतर असंतुष्टों की तादाद बढ़े और कैप्टन का कुनबा मजबूत हो।



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