पेट्रोल-डीज़ल के दामों में लगी आग, रिकॉर्ड स्तर पर पहुची कीमतें  

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देश में पेट्रोल और डीज़ल के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे है. स्थिति यह है की डीज़ल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुच गए है. वही पेट्रोल के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है. सोमवार को लगातार दूसरे दिन तेल की कीमते बढ़ी है. पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ने का कारण तुर्की में जारी आर्थिक संकट है. रूपए के कमज़ोर और डॉलर के मजबूत होने की वजह से भी तेल की कीमते बढ़ी है. ऐसे में आम आदमी को अपनी जेब और ढीली करनी पड़ रही है. कयास यह भी लगाये जा रहे है की आने वाले दिनों में सब्ज़ियो के दाम भी बढ़ सकते है.

दिल्ली में 69.46 तो कोलकत्ता में 72 .31 रूपए लीटर में बिक रहा है डीज़ल

जहा देश की राजधानी दिल्ली में डीज़ल की कीमते तेजी से बढ़ी है वही देश के दुसरे महानगरो में भी डीज़ल के दाम रिकॉर्ड स्तर की उचाई पर पहुच गया है. दिल्ली में आज डीज़ल की कीमत 69.46 है, कोलकत्ता में 72.31 है वही चेन्नई में इसकी कीमत 73.38 तक पहुच गई है. वही देश की आर्थिक राजधानी कहलाये जाने वाली मुंबई में भी डीज़ल के दामों में उछाल आया है. मुंबई में डीज़ल 73.74 रूपए में बिक रहा है डीज़ल.

मोदी सरकार के चार साल में साडे छह रूपए बढ़े पेट्रोल के दाम

2014 मई में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार संभाला था. उसके बाद से लेकर अब तक पट्रोल की कीमतों में कई बार बदलाव आये है. 2014 मई में जहा दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 71.41 पैसे थी वही आज देश की राजधानी में पेट्रोल 77.91 रूपए का बिक रहा है. चार साल में दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में लगभग साडे छह रूपए की बढोतरी हुई हुई है.

कांग्रेस के नेता पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की देश की 22 राज्यों में उनकी सरकार है. उसके बावजूद पेट्रोलियम को GST के दायरे में क्यों नहीं लाया जा रहा है ?

तुर्की में आये आर्थिक आर्थिक संकट की वजह से बढ़ रहे है पेट्रोलियम के दाम

बता दे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूपए एक बार फिर कमज़ोर हुआ है. वही कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है. डॉलर के मजबूत होने के वजह से भी तेल की कीमतों में उछाल आया है.

इसके अलावा तुर्की में जारी आर्थिक संकट के चलते रूपए में गीरावट आई है. इसकी वजह से तेल कम्पनियों को कच्चे तेल के आयत पर ज्यादा शुल्क भरना करना पड़ रहा है.