रामनाथ कोविंद हिमाचल प्रदेश के दौरे पर, अपने क्रेडिट कार्ड से चुकाया बिल

शिमला: हिमाचल प्रदेश के राजधानी शिमला पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, इस दौरे पर वह अपने पूरे परिवार के साथ पहुंचे है. एस दौरे के दौरान वह डिजिटल पेमेंट को भी बढ़ावा दे रहें है.

आपको बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस दौरे पर कई चीजों का बिल खुद भरते नजर आ रहें है. कल उनके ट्विटर के ऑफिशियल अकाउंट से ट्वीट से सबको इस बात की जानकारी दी गई. यह उनका आधिकरिका दौरा है. आप यह सुनकर हैरान रह जाओगे कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए आम नागिरकों की तरह शिमला के बाजारों में घूमते दिखाई दिए. इस दौरान उन्होंने अपने पोते-पोती के लिए एक बुक स्टाल से कुछ किताबे भी खरीदी. हिमाचल प्रदेश टूरिज्‍म डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन की आशियान रेस्‍त्रां में चाय पीने के बाद चाय का भी बिल खुद भरते नजर आए. इस बिल को उन्होंने अपने क्रेडिट कार्ड के माध्यम भरा.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का ट्वीट

इन सब के बाद रामनाथ कोविंद ने ट्वीट पर साझा करते हुए लिखा कि ‘अपने पोते-पोती को शिमला में एक किताबों की दूकान में लेकर गया, गर्मी की छुट्टियों में उनके पढ़ने के लिए किताबें खरीदी ‘. उन्होंने अपने पोता-पोती के किताबों की पेमेंट भी अपने निजी क्रेडिट कार्ड से की थी.

वहीं खुद के लिए शिमला कालका रेलवे लाइन पर लिखी गई एक किताब और लेखक अमर भारत की एक किताब खरीदी. इसको लेकर राष्‍ट्रपति ने ट्वीट किया कि ‘हमारे देश में डिजिटल पेमेंट को अपनाने में हो रही बढ़ोतरी को देख कर खुशी हुई’.

फिर एक ओर ट्वीट द्वारा प्रदेश की तारीफ करते हुए यह लिखा कि , हिमाचल प्रदेश के लगभग हर गांव के युवा भारतीय सेना को सेवा प्रदान कर रहे हैं. वहीं मुझे बताया गया कि राज्य में सैनिकों की संख्या एक लाख दस हजार से भी अधिक है, इसलिए यह कहना गलत नहीं की हिमाचल प्रदेश को ‘देव-भूमि’ के साथ-साथ ‘वीर-भूमि’ कहना उपयुक्त प्रतीत होता है.

आपको बता दें कि देश के राष्ट्रपति को सभी सुविधाएं और भत्ते मिलते हैं, पर अपने सभी भुगतान को अपने निजी क्रेडिट कार्ड के द्वारा करना, देश के सभी लोगों को सकारात्मक संदेश देता है. वहीं हिमाचल प्रदेश में प्लास्टिक बैग के उपयोग पर लगे प्रतिबंध की भी तारीफ की. उन्होंने ट्वीट के द्वारा कहा कि मुझे यह जानकर बहुत प्रसन्नता हुई है कि हिमाचल प्रदेश ‘कार्बन न्यूट्रल’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है।’