भारत यात्रा पर प्रिंस रहीम आगा खान, प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में विकास कार्यों पर हुई चर्चा
इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम, प्रिंस रहीम आगा खान पंचम, अपने पहले भारत दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसमें आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क…
इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम, प्रिंस रहीम आगा खान पंचम, अपने पहले भारत दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसमें आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) के साथ भारत की विकास साझेदारी को और मजबूत करने पर विमर्श हुआ। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मुलाकात उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के निमंत्रण पर हो रही उनकी सप्ताह भर की यात्रा का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "प्रिंस रहीम आगा खान पंचम से मिलकर खुशी हुई। उनके पिता, स्वर्गीय आगा खान चतुर्थ और विकास कार्यों में उनके अहम योगदान को याद किया। हमने हेल्थकेयर, खेती, ग्रामीण विकास, और युवाओं व महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्रों में आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।"
विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति से भी मुलाकात
भारत पहुंचने के बाद बुधवार को प्रिंस रहीम आगा खान ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी भेंट की थी। इस मुलाकात को लेकर जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क द्वारा सामाजिक विकास और विरासत संरक्षण में किए जा रहे प्रभावशाली कार्यों पर चर्चा हुई। उन्होंने भारत और विदेशों में सहयोग की संभावनाओं पर भी मंथन किया। अपनी यात्रा के दौरान प्रिंस आगा खान पंचम 10 सितंबर को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे।
पहली भारत यात्रा और अन्य कार्यक्रम
फरवरी 2025 में अपने पिता प्रिंस करीम आगा खान चतुर्थ के निधन के बाद इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम का पद संभालने वाले प्रिंस रहीम की यह पहली भारत यात्रा है। उनका यह दौरा 9 से 15 सितंबर तक निर्धारित है। दिल्ली के अलावा, वह अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद भी जाएंगे, जहां आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) विभिन्न सामुदायिक और विकास पहलों में सक्रिय रूप से शामिल है। उनके पिता, आगा खान चतुर्थ ने 1967 में 'आगा खान फाउंडेशन' की स्थापना की थी, जो दुनिया के 18 देशों में वंचित समुदायों की मदद के लिए काम करता है।
इनपुट: IANS



