फारूक अब्दुल्ला की 'जुबान फिसली' या 'अपमान'? भगवान राम पर टिप्पणी से जम्मू-कश्मीर में सियासी घमासान
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके बयान को करोड़ों हिंदुओं की…
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके बयान को करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा मामला एक हालिया दशहरा कार्यक्रम से जुड़ा है, जहाँ अब्दुल्ला का एक वीडियो वायरल हो गया है।
इस वीडियो में फारूक अब्दुल्ला रामायण का एक प्रसंग सुनाते हुए दिख रहे हैं। वह बता रहे थे कि जब भगवान राम अयोध्या लौटे तो उनकी माँ ने रावण वध के बारे में पूछा। इस पर भगवान राम का जवाब था कि उन्होंने रावण को नहीं, बल्कि उसके अहंकार और क्रोध ने उसे मारा। लेकिन, इसी बात को कहते हुए उनकी जुबान फिसल गई और वह कह गए, "मां मैंने राम को नहीं मारा, 'राम को 'मैं' ने मारा', उसके क्रोध ने मारा।"
भाजपा ने बताया 'अत्यंत अपमानजनक'
जम्मू-कश्मीर भाजपा ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए इसे भगवान राम का अपमान करार दिया है। पार्टी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "फारूक अब्दुल्ला द्वारा प्रभु श्री राम पर की गई टिप्पणी अत्यंत अपमानजनक और निंदनीय है। यह हर हिंदू की आस्था पर प्रहार है और किसी भी सनातनी के लिए अस्वीकार्य है।"
भाजपा ने इस बयान की आलोचना करते हुए सवाल उठाया है कि क्या हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाना इतना आसान हो गया है। पार्टी ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, "आज उसी जमात से जुड़े एक वरिष्ठ नेता मंच से खड़े होकर करोड़ों हिंदुओं के आराध्य, हमारे प्रभु श्री राम पर ओछी टिप्पणी कर रहे हैं।" पार्टी ने सेक्युलर-लिबरल वर्ग की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या वे इस हरकत का भी बचाव करेंगे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है।
इनपुट: IANS



