जमीन घोटाला: PMLA कोर्ट के फैसले के खिलाफ हेमंत सोरेन की याचिका पर हाईकोर्ट 29 सितंबर को करेगा सुनवाई
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के एक जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत के फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोरेन की…
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के एक जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत के फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोरेन की याचिका पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायाधीश मनोज प्रसाद की खंडपीठ 29 सितंबर को सुनवाई करेगी, जिसमें याचिका की स्वीकार्यता पर फैसला होगा।
यह मामला रांची के बड़गांईं अंचल में 8.86 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा है। सोरेन ने पीएमएलए कोर्ट में अर्जी देकर मांग की थी कि जब तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनके खिलाफ आरोप तय न किए जाएं। विशेष अदालत ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया है।
क्या है पूरा मामला?
ED इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित करीब 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। एजेंसी पर जमीन के अवैध अधिग्रहण, फर्जी दस्तावेज बनाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। हाल ही में, झारखंड हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज करने के फैसले को भी बरकरार रखा था, जिससे उनके खिलाफ आरोप तय करने का रास्ता साफ हो गया था।
मामले में पूर्व राजस्वकर्मी भानु प्रताप प्रसाद, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, बिपिन सिंह, राजकुमार पाहन, अफसर अली और मोहम्मद सद्दाम हुसैन समेत 16 अन्य आरोपियों पर विशेष पीएमएलए अदालत पहले ही आरोप तय कर चुकी है।
निचली अदालत में क्या हुआ?
इससे पहले, हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएमएलए कोर्ट में पेश हुए थे और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच के लिए समय मांगा था। अदालत ने यह कहते हुए कि यह चरण आरोप तय करने का है, न कि दस्तावेजों के निरीक्षण का, उनके अनुरोध पर विचार करते हुए अगली सुनवाई 30 सितंबर को सुबह 11:15 बजे तय की है। उस दिन आरोप तय करने के बिंदु पर आगे की कार्यवाही होगी।
इनपुट: IANS



